अन्तर्राष्ट्रीय

अबू धाबी में बड़ा ड्रोन हमला! बराक न्यूक्लियर पावर प्लांट को बनाया निशाना, मची खलबली

अबू धाबी में बड़ा ड्रोन हमला! बराक न्यूक्लियर पावर प्लांट को बनाया निशाना, मची खलबली

​मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। अबू धाबी में स्थित देश के इकलौते और बेहद महत्वपूर्ण बराक न्यूक्लियर पावर प्लांट (Barakah Nuclear Power Plant) को निशाना बनाकर एक बड़ा ड्रोन हमला किया गया है।

​इस ड्रोन स्ट्राइक के बाद न्यूक्लियर प्लांट के बाहरी परिसर में भीषण आग लग गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। क्षेत्र में चल रहे व्यापक संघर्ष के बीच यह पहला मौका है जब यूएई के इस हाई-प्रोफाइल परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर सीधे हमला करने की कोशिश की गई है।

​जनरेटर में लगी आग, बाल-बाल बचा मुख्य रिएक्टर

​अबू धाबी मीडिया ऑफिस और यूएई प्राधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हमला अल धफरा (Al Dhafra) क्षेत्र में स्थित बराक न्यूक्लियर प्लांट पर हुआ:

​ड्रोन सीधे तौर पर प्लांट के अंदरूनी और अति-सुरक्षित हिस्से (Inner Perimeter) को भेदने में नाकाम रहा।

​हालांकि, हमले की वजह से न्यूक्लियर प्लांट के बाहरी सुरक्षा घेरे के पास लगे एक बाहरी इलेक्ट्रिकल जनरेटर (External Electrical Generator) में भीषण आग लग गई।

​घटना की सूचना मिलते ही यूएई की इमरजेंसी और फायर ब्रिगेड टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया।

​न्यूक्लियर रेडिएशन का कोई खतरा नहीं (Safety Assessment)

​हमले के तुरंत बाद दुनिया भर के न्यूक्लियर वॉचडॉग्स और एक्सपर्ट्स की चिंताएं बढ़ गई थीं, लेकिन यूएई सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बड़ी राहत दी है:

​रेडिएशन का कोई असर नहीं: यूएई के फेडरल अथॉरिटी फॉर न्यूक्लियर रेगुलेशन (FANR) ने पुष्टि की है कि इस हमले से परमाणु सुरक्षा (Radiological Safety Levels) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। प्लांट के मुख्य हिस्से पूरी तरह सुरक्षित हैं।

​काम-काज सामान्य: रेगुलेटर ने सोशल मीडिया पर बताया कि प्लांट के सभी जरूरी सिस्टम और चारों रिएक्टर यूनिट्स पूरी तरह से सुरक्षित हैं और सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। इस घटना में किसी भी नागरिक या कर्मचारी के हताहत होने की खबर नहीं है।

​किसने किया हमला? शक के घेरे में कौन?

​इस ड्रोन हमले की जिम्मेदारी फिलहाल आधिकारिक तौर पर किसी भी आतंकी संगठन या देश ने नहीं ली है और यूएई सरकार ने भी अपने शुरुआती बयान में किसी का नाम नहीं लिया है।

​लेकिन भू-राजनीतिक (Geopolitical) हालातों को देखते हुए एक्सपर्ट्स का इशारा साफ है:

​तनावपूर्ण संघर्ष: हाल ही में इस पूरे क्षेत्र में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर रहा है, जिससे कई बार संघर्ष विराम (Ceasefire) टूटने की कगार पर आ चुका है।

​पहले भी हुए हैं हमले: इससे पहले भी यूएई के कुछ अन्य ठिकानों और रणनीतिक जलमार्गों (Strait of Hormuz) के आसपास हवाई हमलों और ड्रोनों को इंटरसेप्ट किया गया था। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह हमला भी उसी क्षेत्रीय तनाव का एक हिस्सा हो सकता है।

​$20 बिलियन का है यह ऐतिहासिक न्यूक्लियर प्लांट

​बराक न्यूक्लियर पावर प्लांट यूएई ही नहीं, बल्कि पूरे अरब प्रायद्वीप (Arabian Peninsula) का पहला और इकलौता परमाणु ऊर्जा संयंत्र है। इसे करीब 20 अरब डॉलर (लगभग ₹1.6 लाख करोड़) की लागत से दक्षिण कोरिया की मदद से बनाया गया था और साल 2020 में यह पूरी तरह चालू हुआ था। यह प्लांट पूरे यूएई की बिजली की बड़ी जरूरतों को पूरा करता है।

​इस संवेदनशील और वैश्विक महत्व के ठिकाने पर हुए हमले के बाद खाड़ी देशों (Gulf Countries) में सुरक्षा व्यवस्था को हाई-अलर्ट पर डाल दिया गया है। एयर डिफेंस सिस्टम्स को और अधिक मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी आगामी आसमानी खतरे को हवा में ही नेस्तनाबूद किया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *