राजनीति

UP Cabinet Portfolio Allocation: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा, यहाँ देखें मंत्रियों की पूरी सूची

UP Cabinet Portfolio Allocation: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों का बंटवारा, यहाँ देखें मंत्रियों की पूरी सूची

​लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आखिरकार नए मंत्रियों के विभागों का आवंटन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने कैबिनेट में शामिल हुए सभी 8 मंत्रियों को उनके विभागों की जिम्मेदारी सौंप दी है। इस नए फेरबदल में वरिष्ठ नेताओं के अनुभव और क्षेत्रीय समीकरणों का खास ख्याल रखा गया है। लंबे इंतजार और दिल्ली में हुए कड़े मंथन के बाद जारी हुई सूची के अनुसार, मंत्रियों को निम्नलिखित विभागों की जिम्मेदारी दी गई है:

​कैबिनेट मंत्री

​भूपेंद्र चौधरी: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग

​मनोज पांडेय: खाद्य एवं रसद विभाग

​राज्य मंत्री – स्वतंत्र प्रभार

​अजीत सिंह पाल: खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग

​सोमेंद्र तोमर: सैनिक कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल विभाग

​राज्य मंत्री

​कृष्णा पासवान: पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग

​कैलाश सिंह राजपूत: ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग

​सुरेंद्र दिलेर: राजस्व विभाग

​हंसराज विश्वकर्मा: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग

​कामकाज में आएगी तेजी

विभागों के इस नए बंटवारे के बाद माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज में और तेजी आएगी। विशेष रूप से MSME, खाद्य एवं रसद, और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में नए मंत्रियों की नियुक्ति से विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी नए मंत्रियों को उनके नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

​दिल्ली में हुई बड़ी माथापच्ची: क्यों बना रहा सस्पेंस?

योगी सरकार के इस कैबिनेट विस्तार के बाद विभागों के आवंटन में पूरे 8 दिनों का वक्त लगा। दरअसल, 10 मई 2026 को हुए शपथ ग्रहण के बाद से ही मंत्रालयों को लेकर कशमकश जारी थी, जिसके चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अचानक दिल्ली का रुख करना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसके बाद ही विभागों की अंतिम सूची पर मुहर लग सकी। इस पूरी कवायद में सबसे ज्यादा चर्चा लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य हाई-प्रोफाइल विभागों को लेकर थी, जो फिलहाल मुख्यमंत्री के पास ही सुरक्षित हैं।

​मिशन 2027: चुनावी और क्षेत्रीय समीकरण दुरुस्त करने पर जोर

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में हुई इस बैठक का मकसद सिर्फ मंत्रियों को विभाग बांटना नहीं, बल्कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (2027) के लिए सरकार और संगठन को एक नया कलेवर देना था। बीजेपी का मुख्य फोकस सूबे में सत्ता की ‘हैट्रिक’ लगाने के लिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को पूरी तरह दुरुस्त करना है।

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