लखनऊ में भारी बवाल: कोर्ट परिसर में चला प्रशासन का बुलडोजर, अवैध चेंबर्स तोड़े जाने पर वकीलों का हिंसक हंगामा
लखनऊ में भारी बवाल: कोर्ट परिसर में चला प्रशासन का बुलडोजर, अवैध चेंबर्स तोड़े जाने पर वकीलों का हिंसक हंगामा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है। लखनऊ के वजीरगंज इलाके में स्थित कोर्ट परिसर (कलेक्ट्रेट) के बाहर जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मिलकर बड़ा बुलडोजर एक्शन शुरू किया है। प्रशासन द्वारा वकीलों के अवैध रूप से बने टिनशेड और परमानेंट चेंबर्स को तोड़े जाने के बाद पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया है।
अपने चेंबर्स पर बुलडोजर चलता देख सैकड़ों की संख्या में वकील सड़कों पर उतर आए और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भारी हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी है।
क्यों हुआ बुलडोजर एक्शन? (प्रशासन का पक्ष)
जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, कोर्ट परिसर के आसपास और कलेक्ट्रेट रोड पर लंबे समय से अवैध रूप से दुकानें, टिनशेड और वकीलों के केबिन (चेंबर्स) बनाकर अतिक्रमण किया गया था।
इस अतिक्रमण के कारण कलेक्ट्रेट और कोर्ट आने वाले आम फरियादियों, मुवक्किलों और वीआईपी मूवमेंट के दौरान भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही थी।
प्रशासन का दावा है कि इन अवैध निर्माणों को हटाने के लिए वकीलों और संबंधित लोगों को पहले ही आधिकारिक नोटिस जारी किया गया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद ही यह कानूनी ध्वस्तिकरण (Demolition) की कार्रवाई शुरू की गई है।
वकीलों का गुस्सा: पुलिस से झड़प और पथराव की खबरें
जैसे ही नगर निगम के बुलडोजर ने वकीलों के तख्त और चेंबर्स को गिराना शुरू किया, वकीलों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। देखते ही देखते मौके पर भारी अराजकता का माहौल बन गया:
आक्रोशित वकीलों ने कलेक्ट्रेट के सामने वाले मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए।
इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी वकीलों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की (झड़प) भी देखने को मिली।
कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुस्से में आए कुछ प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम की टीम पर हल्के पथराव की भी कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ा रुख अपनाना पड़ा।
मौके पर भारी पुलिस बल तैनात, काम-काज ठप
हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी (PAC) के जवान और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है। वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी वकीलों को शांत कराने और बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस भारी हंगामे और कलेक्ट्रेट रोड पर चक्काजाम के कारण कोर्ट परिसर का काम-काज पूरी तरह से ठप हो गया है। दूर-दराज से अपनी तारीखों और मुकदमों के सिलसिले में आए आम लोग इस हंगामे के बीच फंस गए हैं और उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वकीलों के संगठनों का कहना है कि बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के उनके बैठने की जगह को उजाड़ना पूरी तरह गलत है और वे इस कार्रवाई के खिलाफ आगे की रणनीति तय कर रहे हैं।
