पेट्रोल-डीजल तो बस शुरुआत है! अब इन चीजों के भी बढ़ जाएंगे दाम, एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी वॉर्निंग
पेट्रोल-डीजल तो बस शुरुआत है! अब इन चीजों के भी बढ़ जाएंगे दाम, एक्सपर्ट्स ने दी बड़ी वॉर्निंग
देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब आम जनता को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगने वाला है। आर्थिक विशेषज्ञों (Economists) और मार्केट एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि हाल ही में ईंधन की कीमतों में जो वृद्धि हुई है, वह केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में आपकी रसोई से लेकर आपकी जेब पर सीधा असर पड़ने वाला है और कई आवश्यक चीजों के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं।
वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव (पश्चिम एशिया संकट) और माल ढुलाई (Logistics) की लागत बढ़ने के कारण कई बड़ी कंपनियों ने अपने प्रॉडक्ट्स के दाम बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। आइए जानते हैं कि आने वाले दिनों में किन-किन चीजों के दाम बढ़ने जा रहे हैं।
1. सब्जियां, फल और राशन (FMCG Products)
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर माल ढुलाई यानी ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट पर पड़ता है। ऑल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (AITWA) के अनुसार, डीजल महंगा होने से माल भाड़ा 2.5% से 3% तक बढ़ सकता है।
इसका सीधा असर खेतों से मंडियों तक आने वाली सब्जियों और फलों पर पड़ेगा, जिससे इनके दाम बढ़ेंगे।
डाबर, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), ब्रिटानिया और पारले जैसी बड़ी एफएमसीजी कंपनियों ने संकेत दिए हैं कि वे इनपुट कॉस्ट और माल भाड़ा बढ़ने के कारण अपने साबुन, तेल, बिस्कुट और अन्य पैक्ड फूड्स की कीमतों में 2% से 5% या उससे ज्यादा की बढ़ोतरी कर सकती हैं।
2. दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स (Milk & Dairy)
ईंधन के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को दूध की कीमतों में भी तेजी देखने को मिल सकती है। चारे की बढ़ती लागत और लॉजिस्टिक्स (दूध को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का खर्च) महंगा होने के कारण डेयरी कंपनियों पर दबाव बढ़ गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि दूध और उससे बने उत्पादों (दही, पनीर, घी) की कीमतों में बढ़ोतरी से रिटेल महंगाई (CPI Inflation) में करीब 0.42% तक का उछाल आ सकता है।
3. सोना और चांदी (Gold & Silver)
अगर आप शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपकी जेब पर भारी बोझ पड़ने वाला है। सरकार द्वारा हाल ही में विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और रुपये को मजबूती देने के लिए सोने और चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) को बढ़ाकर 15% कर दिया गया है।
इस फैसले के बाद घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में शादियों के सीजन के कारण इसके दाम और ज्यादा बढ़ सकते हैं।
4. ऑनलाइन फूड डिलीवरी और कैब का किराया
डीजल-पेट्रोल महंगा होने का तुरंत असर सर्विस सेक्टर पर पड़ता है। जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) जैसे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स अपने डिलीवरी कूरियर पार्टनर्स के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ा सकते हैं, जिससे आपके लिए खाना ऑर्डर करना महंगा हो जाएगा। इसके अलावा, ओला-उबर और लोकल ऑटो-टैक्सी के किराए में भी बढ़ोतरी की पूरी संभावना है।
क्यों आ रही है महंगाई की यह नई लहर?
एक्सपर्ट्स का क्या कहना है: उद्योग जगत के जानकारों और आरबीआई (RBI) के पूर्व बयानों के अनुसार, पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संकट शांत नहीं होता, तब तक भारतीय बाजार और आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का यह दबाव बना रहेगा।
आने वाले महीनों (मई-जून) के रिटेल महंगाई के आंकड़ों में इसका पूरा असर दिखने की उम्मीद है। ऐसे में मिडिल क्लास और नौकरीपेशा परिवारों को अपने मासिक बजट को नए सिरे से प्लान करने की जरूरत पड़ सकती है।
