उत्तराखंड

​भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ और शासन की तैयारी

उत्तराखंड में आगामी 12 और 13 मई को भारी बारिश के ऑरेंज अलर्ट के बीच चारधाम यात्रा की सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

​भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ और शासन की तैयारी

​मौसम विभाग द्वारा जारी भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

​यात्रा में बदलाव संभव: यदि मौसम अधिक बिगड़ता है, तो यात्रा के रूट में बदलाव किया जा सकता है या उसे कुछ समय के लिए रोका जा सकता है।

​प्रशासनिक सतर्कता: गढ़वाल आयुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं ताकि उन्हें किसी संकट का सामना न करना पड़े।

​हेली सेवाओं की ‘रियल टाइम’ मॉनिटरिंग

​केदारनाथ धाम सहित अन्य धामों के लिए संचालित हेली सेवाओं को सुरक्षित बनाने के लिए यूकाडा (UCADA) ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है।

​कमांड सेंटर: देहरादून के सहस्त्रधारा और सिरसी में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर (ICCCC) स्थापित किए गए हैं।

​विशेषज्ञों की टीम: इस केंद्र में DGCA, मौसम विभाग (IMD) और यूकाडा के छह सदस्यीय विशेषज्ञ तैनात हैं, जो एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के साथ मिलकर हर उड़ान की निगरानी कर रहे हैं।

​आधुनिक तकनीक: हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग और टेकऑफ पर PTZ कैमरों और ट्रैकिंग डिवाइस के माध्यम से नजर रखी जा रही है ताकि खराब विजिबिलिटी या आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।

​चारधाम हेली यात्रा के अब तक के आंकड़े

​यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान के अनुसार, 22 अप्रैल से अब तक हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ उठाने वाले यात्रियों का विवरण इस प्रकार है:

​कुल श्रद्धालु: 21,000+ (अब तक हेली सेवा का लाभ ले चुके हैं)।

​शटल सेवाएं: 17,976 यात्री (फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी से)।

​चार्टर्ड सेवाएं: 3,974 श्रद्धालु (10 मई तक चारों धामों के दर्शन किए)।

​प्रशासन की अपील

​श्रद्धालुओं से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक मौसम बुलेटिन जरूर चेक करें। राज्य सरकार का जोर इस बात पर है कि तकनीक और बेहतर समन्वय के माध्यम से चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सरल और सुव्यवस्थित बनाया जाए।

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