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​क्या है MIRV तकनीक?

भारत ने अपनी रक्षा क्षमता में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए ‘मिशन दिव्यास्त्र’ के जरिए अपनी अग्नि-5 (Agni-V) मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। इस मिसाइल की सबसे बड़ी ताकत इसकी MIRV तकनीक है, जो एक साथ कई दुश्मनों का काल बन सकती है।

​यहाँ जानिए आखिर क्या है यह तकनीक और यह भारत के लिए इतनी महत्वपूर्ण क्यों है:

​क्या है MIRV तकनीक?

​MIRV का पूरा नाम ‘Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle’ है। साधारण मिसाइलों में केवल एक वारहेड (Warhead) होता है, यानी वे एक बार में केवल एक ही लक्ष्य को निशाना बना सकती हैं। लेकिन MIRV तकनीक से लैस मिसाइल की खासियतें निम्नलिखित हैं:

​एक मिसाइल, कई निशाने: इसमें मिसाइल के ऊपरी हिस्से पर कई वारहेड्स लगाए जाते हैं। एक ही मिसाइल उड़ान भरने के बाद अंतरिक्ष में अलग-अलग दिशाओं में मुड़ सकती है और 10 से 12 अलग-अलग ठिकानों को एक साथ तबाह कर सकती है।

​सटीक मारक क्षमता: ये सभी वारहेड्स स्वतंत्र होते हैं। यानी एक ही समय में अलग-अलग शहरों या सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है, भले ही उनके बीच की दूरी सैकड़ों किलोमीटर हो।

​दुश्मन का ‘डिफेंस सिस्टम’ होगा फेल

​MIRV तकनीक वाली अग्नि-5 को रोकना किसी भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए लगभग नामुमकिन होता है।

​कन्फ्यूजन पैदा करना: जब एक साथ कई वारहेड्स नीचे गिरते हैं, तो दुश्मन का रडार और इंटरसेप्टर मिसाइलें भ्रमित हो जाती हैं कि किसे रोकें और किसे नहीं।

​चक्रव्यूह: यदि दुश्मन एक या दो वारहेड्स को हवा में नष्ट भी कर दे, तो भी बाकी बचे हुए वारहेड्स अपने लक्ष्य तक पहुँचने में सफल रहते हैं।

​अग्नि-5 की ताकत और पहुंच

​अग्नि-5 भारत की सबसे घातक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

​रेंज: इसकी मारक क्षमता 5,000 से 7,000 किलोमीटर तक है। इसका मतलब है कि पूरा एशिया, चीन और यूरोप का एक बड़ा हिस्सा इसकी जद में है।

​कनस्तर आधारित लॉन्च: इसे सड़क के रास्ते कहीं भी ले जाकर ट्रक से लॉन्च किया जा सकता है, जिससे इसे ट्रैक करना मुश्किल होता है।

​स्वदेशी तकनीक: इस तकनीक को DRDO ने पूरी तरह स्वदेशी रूप से विकसित किया है।

​भारत बना दुनिया का छठा देश

​इस सफल परीक्षण के साथ भारत दुनिया के उन चुनिंदा देशों के क्लब में शामिल हो गया है जिनके पास MIRV तकनीक है। अब तक यह तकनीक केवल अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन के पास ही थी।

​निष्कर्ष:

MIRV तकनीक से लैस अग्नि मिसाइल भारत की ‘नो फर्स्ट यूज’ (No First Use) पॉलिसी को और मजबूती देती है। यह दुश्मनों के लिए एक कड़ा संदेश है कि भारत के पास पलटवार करने की ऐसी क्षमता है जिसे भेद पाना नामुमकिन है।

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