पंजाब किंग्स के क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता पर रसोइए ने लगाया मारपीट का आरोप
पंजाब किंग्स के क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके पिता पर रसोइए ने लगाया मारपीट का आरोप
आईपीएल (IPL) टीम पंजाब किंग्स के स्टार ऑलराउंडर शशांक सिंह और उनके पिता व रिटायर्ड स्पेशल डायरेक्टर जनरल (DG) शैलेश सिंह विवादों में घिर गए हैं। उनके घर पर काम करने वाले एक रसोइए (कुक) ने दोनों पर मारपीट, गाली-गलौज करने और जबरदस्ती मोबाइल छीनने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। रसोइए का यह भी दावा है कि उसे तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। हालांकि, क्रिकेटर शशांक सिंह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
शशांक सिंह ने आरोपों को बताया झूठा, कहा- ‘वो कुछ नहीं बना पाता था’
क्रिकेटर शशांक सिंह ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस (IANS) से बातचीत में रसोइए के आरोपों को पूरी तरह से काल्पनिक और झूठा बताया। उन्होंने कहा, “मेरी उससे कोई खास बातचीत भी नहीं थी। मैंने उसके काम के पहले दिन सिर्फ यही पूछा था कि क्या-क्या बना लेते हो, जिस पर उसने कहा था कि मैं सबकुछ बना लेता हूं। लेकिन बाद में पता चला कि वह कुछ भी नहीं बना पाता। ऐसे झूठे आदमी के बारे में मैं क्या ही बोलूं।”
घर की फोटो-वीडियो लेने पर मां ने लगाई थी डांट
मारपीट के आरोपों पर सफाई देते हुए शशांक ने कहा कि घर के भीतर किसी भी तरह की हिंसा नहीं हुई है। उन्होंने बताया, “वह घर पर हमारी और घर के अंदर की फोटो-वीडियो निकालता था। इस बात को लेकर मेरी मां ने उसे जरूर डांटा था। इसके अलावा, जहां घर में सजावट का सामान रखा था, वहां से भगवान गणपति की एक मूर्ति भी गायब हुई है। जब मां उसे डांट रही थीं, उस समय मैं ऊपर सो रहा था। जब मैं नीचे आया, तो मम्मी उसे घर से निकलने को बोल रही थीं। मुझे तो लगता है कि बाद में यह पूरा मामला चोरी का न निकल जाए।”
मोबाइल छीनने और बंधक बनाने के दावे पर दी सफाई
तीन दिनों तक बंधक बनाए जाने के आरोप को गलत बताते हुए क्रिकेटर ने कहा, “हम लोग ऐसी हरकत कभी नहीं कर सकते, मैं इस बात की गारंटी दे सकता हूं। हां, हमने उसका मोबाइल जरूर लिया था और उसने हमारे घर के जितने भी फोटो और वीडियो लिए थे, उन्हें डिलीट करवाया था। जब वह घर से जा रहा था, तब मोबाइल उसी के हाथ में था। हमारे घर से बाहर जाने के बाद उसकी लड़ाई किससे हुई, इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।”
’पुलिस के पास न भेजकर गलती की’
शशांक ने अफसोस जताते हुए कहा कि उन्होंने मानवीय आधार पर रसोइए को पुलिस के हवाले नहीं किया था। उन्होंने कहा, “मैंने सोचा था कि एक गरीब आदमी को पुलिस के पास भेजना और थाने में बैठवाना उचित नहीं होगा, इसलिए हमने उसे जाने दिया। लेकिन अब उसकी इस हरकत को देखकर लग रहा है कि हमसे बड़ी गलती हो गई।”
शशांक सिंह ने यह भी साफ किया कि उनके परिवार में पहले कभी इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है और इस मामले को लेकर अभी तक पुलिस ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया है।
