अयोध्या जाने से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय हाउस अरेस्ट, कहा- ‘रामलला के दर्शन के लिए अन्न-जल त्यागने को तैयार’
अयोध्या जाने से पहले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय हाउस अरेस्ट, कहा- ‘रामलला के दर्शन के लिए अन्न-जल त्यागने को तैयार’
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय मंगलवार को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करने वाले थे, लेकिन कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए यूपी पुलिस ने उन्हें सोमवार रात करीब 11:30 बजे ही होटल से हिरासत में ले लिया। अजय राय को उनके साथियों समेत हाउस अरेस्ट (नज़रबंद) किया गया है, जिस पर कांग्रेस नेता की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
नज़रबंदी के बाद अजय राय ने साफ कर दिया है कि वह राम मंदिर में दर्शन करने जरूर जाएंगे, इसके लिए चाहे उन्हें जेल जाना पड़े या फिर अन्न-जल का त्याग करना पड़े।
होटल से कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस शिफ्ट किए गए अजय राय
अजय राय ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रशासन पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा:
”मैं रात में ही अयोध्या पहुंचा था और एक निजी होटल में ठहरा था। लेकिन रात में ही भारी पुलिस बल वहां पहुंच गया। मुझे और मेरे साथियों को होटल से हटाकर आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस लाया गया और यहां हाउस अरेस्ट कर दिया गया है। हमें प्रताड़ित किया जा रहा है और रामलला के दर्शन करने से रोका जा रहा है। हमारी मांग है कि हमें भगवान श्रीराम के दर्शन करने दिए जाएं। इसके लिए अगर जेल जाना पड़े या अन्न-जल त्यागना पड़े, तो हम वो भी करेंगे।”
’केजरीवाल को वीआईपी ट्रीटमेंट, हमें रोका जा रहा है’– बीजेपी पर साधा निशाना
अजय राय ने सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की अयोध्या यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले जब अरविंद केजरीवाल अयोध्या आए थे, तो उन्हें वीआईपी तरीके से राम मंदिर के गर्भगृह में जाने दिया गया। उनके साथ उनके सांसद और अन्य लोग भी थे, लेकिन किसी को नहीं रोका गया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी जानबूझकर उनके साथ ऐसा कर रही है।
चढ़ावा चोरी मामले में निष्पक्ष जांच और रिमांड की मांग
राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर निशाना साधते हुए अजय राय ने कहा कि इस चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय, अनिल मिश्रा और नृपेंद्र मिश्रा समेत कई लोगों की भूमिका संदिग्ध है, लेकिन सरकार उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कानूनी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “चोरी के मामले में जिन आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उन्हें पुलिस रिमांड पर क्यों नहीं लिया गया? उन्हें सीधे न्यायिक हिरासत (जेल) में क्यों भेज दिया गया? इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अगर पकड़े गए लोगों की कोई भूमिका नहीं थी, तो ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस्तीफे क्यों दिए हैं? जब तक आरोपियों की पुलिस रिमांड नहीं होगी, तब तक पूरा सच सामने नहीं आएगा।”
सांसद उज्ज्वल रमण सिंह भी किए गए नज़रबंद
अजय राय के साथ कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह और कई अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी गेस्ट हाउस में हाउस अरेस्ट किया गया है। किसी भी संभावित विरोध-प्रदर्शन और हंगामे को रोकने के लिए गेस्ट हाउस के बाहर और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
