Tuesday, June 30, 2026
Latest:
अन्तर्राष्ट्रीय

भारत दौरे पर आ रही हैं जापान की पीएम साने ताकाइची: कल से शुरू होगी 3 दिवसीय यात्रा, सेमीकंडक्टर और समुद्री सुरक्षा पर होंगे बड़े समझौते

भारत दौरे पर आ रही हैं जापान की पीएम साने ताकाइची: कल से शुरू होगी 3 दिवसीय यात्रा, सेमीकंडक्टर और समुद्री सुरक्षा पर होंगे बड़े समझौते

​जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची 1 जुलाई 2026 से तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर भारत आ रही हैं। प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। रणनीतिक रूप से यह यात्रा बेहद खास है, क्योंकि मार्च 2022 के बाद दोनों देशों के बीच आयोजित होने वाला यह पहला भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन है।

​इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साने ताकाइची के बीच शिखर-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ताएं होंगी, जिनमें दोनों देशों के कूटनीतिक, आर्थिक और रक्षा रिश्तों को और अधिक मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

​सेमीकंडक्टर, AI और तकनीक पर विशेष फोकस

​आगामी बैठकों में आर्थिक सुरक्षा को लेकर बड़े फैसलों की उम्मीद है। दोनों देश निम्नलिखित क्षेत्रों में दीर्घकालिक विकास को गति देने के लिए लगभग एक दर्जन सहयोग ज्ञापनों (MoCs) पर हस्ताक्षर कर सकते हैं:

​सप्लाई चेन: सेमीकंडक्टर निर्माण और महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के क्षेत्र में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित और मजबूत बनाना।

​हाई-टेक सेक्टर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बैटरी टेक्नोलॉजी और फार्मास्यूटिकल्स (दवा निर्माण)।

​व्यापारिक साझेदारी: दोनों देशों के बीच लगभग 120 निजी क्षेत्र के समझौतों (Private Sector Agreements) पर मुहर लग सकती है।

​समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक विजन

​शिखर सम्मेलन के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर दोनों देश साझा रणनीति तैयार करेंगे:

​जापान के ‘मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक’ (FOIP) विजन को भारत की ‘महासागर’ (MAHASAGAR) पहल के साथ जोड़ने पर गंभीर चर्चा होगी।

​समुद्री सुरक्षा और रक्षा प्रौद्योगिकी (Defense Tech) में सहयोग को बढ़ाया जाएगा।

​बंगाल की खाड़ी को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने वाली एक मजबूत औद्योगिक मूल्य श्रृंखला (Industrial Value Chain) विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

​’भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच’ का होगा आयोजन

​अपनी यात्रा के दौरान दोनों नेता ‘भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच’ में भी शामिल होंगे। इस मंच पर दोनों देशों के शीर्ष सरकारी अधिकारी और बड़े बिजनेस लीडर्स निवेश बढ़ाने और वाणिज्यिक साझेदारी का दायरा बढ़ाने के नए अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके अतिरिक्त, ओडिशा में एक बड़ी ग्रीन अमोनिया परियोजना और बायोगैस क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी नई प्रगति की घोषणा की जा सकती है।

​उल्लेखनीय है कि साल 2014 में भारत और जापान के संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया था, जिसे इस ऐतिहासिक यात्रा से एक नई ऊर्जा और दिशा मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *