Tuesday, June 30, 2026
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PoK के रावलकोट में जबरदस्त विद्रोह: पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे हजारों लोग, दी भारत से मदद मांगने की चेतावनी

PoK के रावलकोट में जबरदस्त विद्रोह: पाकिस्तान सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे हजारों लोग, दी भारत से मदद मांगने की चेतावनी

​पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट में हालात बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण हो गए हैं। शहबाज शरीफ सरकार की दमनकारी नीतियों और आर्थिक पाबंदियों के खिलाफ पिछले 22 दिनों से चल रहा स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े विद्रोह में बदल चुका है। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं और उनका साफ कहना है कि वे अब इस इलाके पर इस्लामाबाद का नियंत्रण स्वीकार नहीं करेंगे।

​’पाबंदियां नहीं हटीं, तो भारत की ओर करेंगे रुख’

​रावलकोट के ईदगाह ग्राउंड में आयोजित एक विशाल विरोध-प्रदर्शन के दौरान स्थानीय नेताओं और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तानी हुकूमत को सीधी चेतावनी दी है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नागरिक अधिकार कार्यकर्ता सरदार अमन खान और अन्य वक्ताओं ने मंच से खुला ऐलान किया:

​”यदि रावलकोट और आसपास के इलाकों में जरूरी सुविधाओं तथा राशन की आपूर्ति पर लगाई गई अवैध पाबंदियां तुरंत नहीं हटाई गईं, तो हमारे पास मदद के लिए भारत की ओर रुख करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा।”

​प्रदर्शनकारियों ने दोटूक शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को इस इलाके (PoK) और इसके संसाधनों की जरूरत है, न कि यहां के लोगों को पाकिस्तान की।

​पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर को मानने से इनकार

​इस आंदोलन की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दे रही है, जहां विदेशों में रह रहे कश्मीरी मूल के लोग पाकिस्तानी दूतावासों के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें रावलकोट के स्थानीय लोग पाकिस्तान के शक्तिशाली सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को अपना प्रमुख मानने से साफ इनकार कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे किसी भी सैन्य तानाशाह के अधीन रहना बर्दाश्त नहीं करेंगे।

​आर्थिक नाकेबंदी से भड़का जनता का आक्रोश

​रावलकोट में यह जनाक्रोश तब और उग्र हो गया, जब पाकिस्तानी अधिकारियों ने जानबूझकर इस इलाके में राशन, आटा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई पर दो हफ्ते की अघोषित रोक लगा दी। इस आर्थिक नाकेबंदी से नाराज लोगों ने अब लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास भी डेरा डालना और धरना देना शुरू कर दिया है।

​अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि इस भुखमरी और कंगाली के बीच भारत की तरफ से कोई मानवीय या रणनीतिक मदद मिलती है, तो इस पूरे क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति हमेशा के लिए बदल जाएगी, जिससे पाकिस्तान बैकफुट पर आ जाएगा।

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