रूस-यूक्रेन युद्ध में ऐतिहासिक मोड़: तीन दिनों के सीजफायर का एलान, 2000 युद्धबंदियों की होगी अदला-बदली
रूस-यूक्रेन युद्ध में ऐतिहासिक मोड़: तीन दिनों के सीजफायर का एलान, 2000 युद्धबंदियों की होगी अदला-बदली
वॉशिंगटन/कीव: पिछले चार सालों से जारी रूस और यूक्रेन के भीषण युद्ध के बीच दुनिया के लिए एक राहत भरी खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिनों के युद्धविराम (Ceasefire) की घोषणा की है। यह सीजफायर 9, 10 और 11 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा।
ट्रंप की मध्यस्थता और ‘विक्ट्री डे’ का अवसर
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर इस समझौते की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह युद्धविराम मुख्य रूप से रूस में मनाए जाने वाले ‘विक्ट्री डे’ (Victory Day) के उपलक्ष्य में किया गया है।
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा:
”रूस और यूक्रेन दोनों ही द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) का एक बड़ा हिस्सा थे। मुझे खुशी है कि मेरी सीधी अपील पर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस सीजफायर के लिए सहमति जताई है।”
सीजफायर की मुख्य शर्तें और समझौता
इस तीन दिवसीय युद्धविराम के दौरान केवल हथियारों की शांति ही नहीं, बल्कि मानवीय आधार पर भी बड़े फैसले लिए गए हैं:
काइनेटिक एक्टिविटी पर रोक: इन तीन दिनों के दौरान सभी प्रकार की सैन्य गतिविधियों और हमलों को पूरी तरह निलंबित कर दिया गया है।
बड़ी कैदी अदला-बदली: समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के 1,000-1,000 युद्धबंदियों (कुल 2,000) को रिहा करेंगे।
शांति की शुरुआत: ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि यह कदम इस लंबे और विनाशकारी युद्ध को खत्म करने की दिशा में “अंत की शुरुआत” साबित होगा।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने की पुष्टि
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भी शुक्रवार को टेलीग्राम के जरिए इस समझौते की पुष्टि की। उन्होंने अमेरिकी प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि 1,000 के बदले 1,000 के फॉर्मेट में युद्धबंदियों की अदला-बदली के लिए रूस राजी हो गया है। जेलेंस्की ने इसे वार्ता की प्रक्रिया में एक सकारात्मक कदम बताया।
दुनिया की नजरें अब अगले कदम पर
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के इस सबसे बड़े संघर्ष को खत्म करने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति का दावा है कि दोनों देश युद्ध समाप्त करने के समाधान के “हर दिन करीब” आ रहे हैं। फिलहाल, 11 मई तक रहने वाला यह सीजफायर भविष्य की स्थायी शांति वार्ता के लिए एक ‘टेस्ट केस’ की तरह देखा जा रहा है।
