अन्तर्राष्ट्रीय

​खाड़ी में कोहराम: ईरान ने UAE पर फिर किया मिसाइल हमला, दुबई-अबू धाबी में अलर्ट, तेल डिपो में लगी आग

ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच तनाव चरम पर पहुँच गया है। आज यानी 8 मई 2026 को फिर से ईरान की ओर से दागे गए ड्रोन और मिसाइलों ने खाड़ी देशों में हड़कंप मचा दिया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से आए कई हमलों को नाकाम किया है।

​खाड़ी में कोहराम: ईरान ने UAE पर फिर किया मिसाइल हमला, दुबई-अबू धाबी में अलर्ट, तेल डिपो में लगी आग

​दुबई / अबू धाबी: पश्चिम एशिया में युद्ध की आग और तेज हो गई है। 4 मई से शुरू हुए हमलों के सिलसिले के बाद आज शुक्रवार को एक बार फिर ईरान ने यूएई के ठिकानों को निशाना बनाया। ताजा जानकारी के अनुसार, यूएई की सेना ने ईरान की ओर से दागे गए 2 बैलिस्टिक मिसाइलों और 3 ड्रोन को बीच रास्ते में ही मार गिराया है। हालांकि, इस हमले में 3 लोगों के घायल होने की खबर है।

​तबाही का मंजर: फुजैराह तेल डिपो पर हमला

​हमलों का सबसे बुरा असर यूएई के फुजैराह (Fujairah) स्थित तेल डिपो पर पड़ा है।

​भीषण आग: ड्रोन हमलों के कारण फुजैराह के एक प्रमुख पेट्रोलियम हब में बड़ी आग लग गई है। यह इलाका यूएई के ऊर्जा निर्यात के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बायपास करता है।

​एयरस्पेस बंद: सुरक्षा कारणों से यूएई ने 4 मई से 11 मई तक के लिए अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) को आंशिक रूप से बंद कर दिया है, जिससे दुबई और अबू धाबी की उड़ानों पर बड़ा असर पड़ा है।

​हमलों के डरावने आंकड़े

​यूएई रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी डेटा के अनुसार, इस हालिया संघर्ष में अब तक सैकड़ों हमले हो चुके हैं:

​बैलिस्टिक मिसाइलें: 551

​क्रूज मिसाइलें: 29

​ड्रोन (UAVs): 2,263

इन हमलों में अब तक कुल 10 नागरिकों की मौत हुई है और 227 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हताहतों में भारतीय, पाकिस्तानी और नेपाली मूल के लोग भी शामिल हैं।

​तनाव की मुख्य वजह और अमेरिका का दखल

​यह जंग तब और तेज हुई जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण बढ़ा दिया और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर ‘टैक्स’ वसूलना शुरू कर दिया।

​अमेरिका की जवाबी कार्रवाई: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 7 मई को ईरान के उन सैन्य ठिकानों पर हमला किया जो इन हमलों के लिए जिम्मेदार थे। अमेरिका का कहना है कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने तीन युद्धपोतों पर हुए हमलों का बदला लिया है।

​होर्मुज की नाकेबंदी: ईरान ने प्रभावी रूप से इस जलमार्ग को बंद कर दिया है, जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए जीवन रेखा माना जाता है। इससे पूरी दुनिया में ईंधन की कीमतें आसमान छूने लगी हैं।

​युद्धविराम खतरे में: हाल ही में हुए एक महीने के युद्धविराम के बावजूद इन हमलों ने शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है।

​भारत पर असर

​भारत के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है क्योंकि यूएई में लाखों भारतीय काम करते हैं। फुजैराह और अन्य शहरों में हुए हमलों में 3 भारतीयों के घायल होने की भी खबर है। भारतीय विदेश मंत्रालय स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए है।

​विशेषज्ञों की चेतावनी: यदि यह संघर्ष जल्द नहीं रुका, तो यह एक पूर्ण क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे न केवल खाड़ी देशों की सुरक्षा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी चरमरा सकती है।

​यह एक विकसित होती स्थिति है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें और आपातकालीन अलर्ट का पालन करें।

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