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​IPL 2026: होटल से मैदान तक ‘नो एंट्री’, नियम तोड़ने पर गिरेगी गाज; जानें BCCI के नए कड़े नियम

आईपीएल 2026 के बीच बीसीसीआई (BCCI) ने सुरक्षा और अनुशासन को लेकर अब तक का सबसे सख्त कदम उठाया है। बोर्ड ने सभी 10 फ्रैंचाइजी के लिए एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है, जिसमें खिलाड़ियों के होटल रूम से लेकर ड्रेसिंग रूम तक के नियमों को कड़ा कर दिया गया है।

​इस सख्ती के पीछे ‘हनी ट्रैप’ (Honey Trap) का खतरा और हालिया कुछ अनुशासनात्मक उल्लंघन मुख्य वजह बताए जा रहे हैं। यहाँ इस नई गाइडलाइन की मुख्य बातें दी गई हैं:

​IPL 2026: होटल से मैदान तक ‘नो एंट्री’, नियम तोड़ने पर गिरेगी गाज; जानें BCCI के नए कड़े नियम

​मुंबई/नई दिल्ली: बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) की रिपोर्ट के बाद बोर्ड ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए नए ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर’ (SOP) जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना या निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

​1. होटल रूम में बाहरी मेहमानों पर पाबंदी

​सबसे बड़ा बदलाव होटल रूम एक्सेस को लेकर हुआ है। अब कोई भी बाहरी व्यक्ति बिना लिखित अनुमति के खिलाड़ी के कमरे में नहीं जा सकेगा।

​लिखित मंजूरी अनिवार्य: किसी भी मेहमान को खिलाड़ी के कमरे तक ले जाने से पहले टीम मैनेजर की लिखित अनुमति लेनी होगी।

​हनी ट्रैप का खतरा: बीसीसीआई ने चेतावनी दी है कि हाई-प्रोफाइल इवेंट्स में हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का खतरा रहता है, इसलिए अनजान लोगों से दूरी बनाना जरूरी है।

​मूवमेंट लॉग: खिलाड़ियों को होटल से बाहर (व्यक्तिगत काम या मनोरंजन के लिए) जाने से पहले सुरक्षा अधिकारियों (SLO) को सूचित करना होगा।

​2. ड्रेसिंग रूम और डगआउट के नियम

​मैदान पर अनुशासन बनाए रखने के लिए बीसीसीआई ने मालिकों और प्रतिनिधियों के लिए लक्ष्मण रेखा खींच दी है।

​मालिकों की एंट्री पर रोक: मैच के दौरान फ्रैंचाइजी मालिक या उनके प्रतिनिधि सीधे ड्रेसिंग रूम, डगआउट या प्लेइंग एरिया में खिलाड़ियों से नहीं मिल सकेंगे। वे न तो उन्हें गले लगा सकते हैं और न ही सीधे बातचीत कर सकते हैं।

​एक्रिडिटेशन कार्ड: सभी खिलाड़ियों और स्टाफ को होटल और स्टेडियम में हर समय अपना कार्ड पहनना अनिवार्य है।

​3. ‘वेप्स’ और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर बैन

​हाल ही में राजस्थान रॉयल्स के रियान पराग के ड्रेसिंग रूम में ‘वेपिंग’ करने और टीम मैनेजर के डगआउट में फोन इस्तेमाल करने की घटनाओं के बाद यह कदम उठाया गया है।

​वेप्स/ई-सिगरेट: ड्रेसिंग रूम, डगआउट और टीम होटल में वेप्स या किसी भी प्रतिबंधित पदार्थ का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है।

​मोबाइल फोन: डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल भ्रष्टाचार विरोधी नियमों के तहत सख्त मना है।

​नियम तोड़ने पर क्या होगा एक्शन?

​बीसीसीआई ने इसे ‘गंभीर अनुशासनात्मक मामला’ करार दिया है। उल्लंघन होने पर निम्नलिखित कार्रवाई हो सकती है:

​भारी जुर्माना: मैच फीस का बड़ा हिस्सा या लाखों रुपये का जुर्माना।

​कारण बताओ नोटिस: खिलाड़ी या स्टाफ को लिखित में स्पष्टीकरण देना होगा।

​सस्पेंशन: बार-बार गलती करने पर टूर्नामेंट से बाहर भी किया जा सकता है।

​हालिया उल्लंघन (IPL 2026)

​अभिषेक शर्मा (SRH): मैदान पर अपशब्द कहने के लिए मैच फीस का 25% जुर्माना।

​रोमी भिंडर (RR मैनेजर): डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करने पर 1 लाख रुपये का जुर्माना।

​नीतीश राणा (DC): अंपायर से बहस करने पर जुर्माना और डिमेरिट पॉइंट।

​विशेषज्ञों का मत: बीसीसीआई का यह कड़ा रुख आईपीएल की साख बचाने और खिलाड़ियों को बाहरी खतरों से सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है। आईपीएल 2026 अब तक का सबसे बड़ा सीजन है, ऐसे में अनुशासन में किसी भी तरह की ढील बोर्ड को मंजूर नहीं है।

​क्या आपको लगता है कि खिलाड़ियों की निजी जिंदगी पर इतनी सख्ती जरूरी है या यह कुछ ज्यादा ही है?

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