ऑस्ट्रेलिया का ‘न्यूज़ टैक्स’: Meta, Google और TikTok को देना होगा कमाई का 2.25% हिस्सा
दुनियाभर में टेक कंपनियों और मीडिया संस्थानों के बीच जारी खींचतान के बीच ऑस्ट्रेलिया ने एक बेहद कड़ा कदम उठाया है। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने एक नई योजना तैयार की है जिसके तहत Meta (Facebook/Instagram), Google और TikTok को स्थानीय पत्रकारों की सैलरी और पत्रकारिता के फंड के लिए अपनी कमाई का एक हिस्सा देना होगा।
ऑस्ट्रेलिया का ‘न्यूज़ टैक्स’: Meta, Google और TikTok को देना होगा कमाई का 2.25% हिस्सा
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस और संचार मंत्री अनिका वेल्स ने हाल ही में “न्यूज़ बारगेनिंग इंसेंटिव” (News Bargaining Incentive – NBI) नाम से एक नया कानून प्रस्तावित किया है। यह कानून विशेष रूप से उन बड़ी टेक कंपनियों को निशाना बनाता है जो समाचार संस्थानों के कंटेंट से लाभ कमाती हैं लेकिन उन्हें इसका उचित भुगतान नहीं करतीं।
क्या है नया नियम?
इस नए कानून के तहत प्रावधान हैं कि:
2.25% का लेवी (Levy): यदि Meta, Google और TikTok जैसी कंपनियां स्थानीय न्यूज़ पब्लिशर्स के साथ सीधे भुगतान का समझौता नहीं करती हैं, तो उन्हें ऑस्ट्रेलिया में होने वाली अपनी कुल कमाई का 2.25% हिस्सा टैक्स (लेवी) के रूप में सरकार को देना होगा।
पत्रकारों की सैलरी में योगदान: सरकार इस टैक्स से मिलने वाले पैसे (अनुमानित 200-250 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर सालाना) को सीधे मीडिया घरानों को देगी ताकि वे पत्रकारों को वेतन दे सकें और पत्रकारिता के स्तर को बनाए रख सकें।
लागू होने की तारीख: यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू करने की तैयारी है।
TikTok को पहली बार दायरे में लाया गया
इससे पहले 2021 में भी ऑस्ट्रेलिया ऐसा ही एक कानून (News Media Bargaining Code) लाया था, लेकिन इस बार TikTok को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है। सरकार का मानना है कि न्यूज़ अब केवल वेबसाइट्स पर नहीं, बल्कि शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर भी बड़े पैमाने पर देखी जा रही है।
क्यों पड़ी इस कानून की जरूरत?
मेटा (Meta) का पीछे हटना: 2024 में फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने ऑस्ट्रेलियाई न्यूज़ पब्लिशर्स के साथ पुराने समझौतों को रिन्यू करने से मना कर दिया था। इसके जवाब में सरकार यह नया ‘टैक्स जैसा’ मॉडल लेकर आई है।
लोकतंत्र की सुरक्षा: ऑस्ट्रेलियाई पीएम ने कहा कि “पत्रकारों के काम का मौद्रिक मूल्य होना चाहिए” और एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र पत्रकारिता में निवेश करना अनिवार्य है।
टेक दिग्गजों की प्रतिक्रिया
मेटा और गूगल ने इस कदम की आलोचना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि मेटा ऑस्ट्रेलिया में भी वही कर सकता है जो उसने कनाडा में किया—यानी अपने प्लेटफॉर्म से समाचारों (News) को पूरी तरह से हटा देना। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इस बार कानून को इस तरह बनाया है कि न्यूज़ हटाने के बावजूद कंपनियों को अपनी राजस्व हिस्सेदारी देनी पड़ सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के इस साहसी कदम पर अब दुनिया भर के देशों की नजर है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भारत और यूरोपीय देशों में भी इसी तरह के कानून देखने को मिल सकते हैं।
