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​FBI में ‘काश’ ब्रांड की व्हिस्की: निदेशक काश पटेल पर पद के दुरुपयोग का आरोप, डोनाल्ड ट्रंप भी हुए नाराज

अमेरिका की सबसे शक्तिशाली जांच एजेंसी, संघीय जांच ब्यूरो (FBI) के निदेशक काश पटेल एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। उन पर एजेंसी की गरिमा और परंपराओं को ताक पर रखकर निजी ‘ब्रांडिंग’ करने के गंभीर आरोप लगे हैं। द अटलांटिक की रिपोर्ट के अनुसार, पटेल की ‘व्हिस्की डिप्लोमेसी’ ने ब्यूरो के भीतर और बाहर खलबली मचा दी है।

​FBI में ‘काश’ ब्रांड की व्हिस्की: निदेशक काश पटेल पर पद के दुरुपयोग का आरोप, डोनाल्ड ट्रंप भी हुए नाराज

​एफबीआई के नौवें निदेशक काश पटेल पर आरोप है कि वे सरकारी संसाधनों का उपयोग अपनी व्यक्तिगत ब्रांडिंग के लिए कर रहे हैं। मामला तब सुर्खियों में आया जब यह पता चला कि वे विशिष्ट अतिथियों और कर्मचारियों को वुडफोर्ड रिजर्व व्हिस्की की विशेष बोतलें बांट रहे हैं।

​”Ka$h” हस्ताक्षर वाली विशेष बोतलें

​व्हिस्की की इन बोतलों पर न केवल एफबीआई की आधिकारिक शील्ड (लोगो) अंकित है, बल्कि उस पर पटेल का नाम उनकी चर्चित शैली “Ka$h” (डॉलर साइन के साथ) में लिखा हुआ है।

​कुछ बोतलों पर उनके हस्ताक्षर और “#9” लिखा है, जो यह दर्शाता है कि वे एजेंसी के नौवें प्रमुख हैं।

​ब्यूरो के पुराने अधिकारियों और परंपरावादियों ने सरकारी प्रतीक चिन्ह के इस तरह के उपयोग को ‘मर्यादा का उल्लंघन’ बताया है।

​सरकारी विमानों का ‘निजी व्हिस्की’ के लिए उपयोग?

​रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पटेल और उनकी टीम ने आधिकारिक विदेशी यात्राओं के दौरान इन बोतलों को ले जाने के लिए न्याय विभाग (DOJ) के विमानों का इस्तेमाल किया।

​मिलान की घटना: शीतकालीन ओलंपिक के दौरान मिलान की यात्रा पर पटेल कथित तौर पर अमेरिकी हॉकी टीम के साथ जश्न मना रहे थे, जहां लॉकर रूम में उनकी व्हिस्की की एक बोतल छूट गई।

​राष्ट्रपति ट्रंप की नाराजगी: कहा जा रहा है कि इस घटना से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी नाराज हैं। ट्रंप, जो स्वयं शराब से परहेज करते हैं, उन्हें एजेंसी प्रमुख का यह व्यवहार रास नहीं आया है।

​क्वांटिको में तलाशी अभियान

​मार्च में एफबीआई के प्रसिद्ध क्वांटिको प्रशिक्षण केंद्र में एक यूएफसी (UFC) सेमिनार के दौरान एक व्हिस्की की बोतल कथित तौर पर गायब हो गई थी। सूत्रों के अनुसार, पटेल इस पर इतने भड़क गए कि उन्होंने पूरी अकादमी में सघन तलाशी अभियान चलाने का आदेश दे दिया।

​FBI का “व्यापारीकरण” और ‘गवर्नमेंट गैंगस्टर’

​आलोचकों का कहना है कि जहां पूर्व निदेशक जे. एडगर हूवर यादगार के तौर पर फिंगरप्रिंट कार्ड देते थे, वहीं काश पटेल अपनी वेबसाइट पर:

​”गवर्नमेंट गैंगस्टर्स” (Government Gangsters) लिखे हुए प्लेइंग कार्ड्स बेच रहे हैं।

​कैमो प्रिंट वाली हुडीज और अन्य व्यापारिक सामान (Merchandise) की ब्रांडिंग कर रहे हैं।

इसे देश की सर्वोच्च कानून प्रवर्तन एजेंसी का “व्यापारीकरण” माना जा रहा है।

​मानहानि का मुकदमा और आंतरिक तनाव

​वर्तमान में काश पटेल ‘द अटलांटिक’ पत्रिका के खिलाफ 25 करोड़ डॉलर के मानहानि के मुकदमे में भी फंसे हुए हैं। पत्रिका ने उन पर शराब के सेवन के कारण अनियमित व्यवहार और कार्यालय से गायब रहने के आरोप लगाए थे।

​हालांकि एफबीआई ने आधिकारिक तौर पर किसी भी आंतरिक जांच से इनकार किया है, लेकिन ब्यूरो के सूत्रों का कहना है कि एजेंसी के भीतर उच्च स्तर पर अस्थिरता और असंतोष का माहौल है।

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