अन्तर्राष्ट्रीय

​ईरान-अमेरिका युद्ध: ट्रंप की ‘बमबारी’ की धमकी के बीच समझौते की कोशिशें, पाकिस्तान और चीन हुए सक्रिय

एक तरफ ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध विराम को लेकर कूटनीतिक हलचलें तेज हैं, तो दूसरी तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को खोलने को लेकर जारी इस विवाद में अब चीन, फ्रांस और पाकिस्तान जैसे देश भी सक्रिय हो गए हैं।

​ईरान-अमेरिका युद्ध: ट्रंप की ‘बमबारी’ की धमकी के बीच समझौते की कोशिशें, पाकिस्तान और चीन हुए सक्रि

​पिछले दो महीनों से जारी ईरान-अमेरिका संघर्ष एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ईरान उनके शांति प्रस्तावों को स्वीकार कर होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए नहीं खोलता, तो अमेरिका सीधी बमबारी शुरू कर देगा।

​ट्रंप की चेतावनी: ‘सहमति नहीं तो बमबारी’

​राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में कड़ा रुख अपनाते हुए लिखा कि युद्ध समाप्त हो सकता है और वैश्विक तेल-गैस की आपूर्ति बहाल हो सकती है, लेकिन सब कुछ ईरान के फैसले पर निर्भर है। उन्होंने चेतावनी दी:

​”अगर वे (ईरान) सहमत नहीं होते हैं, तो बमबारी शुरू हो जाएगी।”

​हालांकि ट्रंप ने शांति प्रस्तावों का विस्तृत विवरण नहीं दिया है, लेकिन उनकी भाषा ने कूटनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है।

​एक्सियोस की रिपोर्ट: ‘एक पेज’ के समझौते की तैयारी?

​समाचार एजेंसी ‘एक्सियोस’ के अनुसार, व्हाइट हाउस ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते के करीब है। इस संभावित समझौते के मुख्य बिंदु हो सकते हैं:

​ईरानी यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) पर पूर्ण रोक।

​ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना।

​फ्रीज किए गए ईरानी फंडों को जारी करना।

​होर्मुज जलडमरूमध्य को जहाजों के लिए फिर से खोलना।

​ईरान ने इन रिपोर्टों को “कड़ी तरह से खारिज” किया है, लेकिन स्वीकार किया है कि वह नए अमेरिकी प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है।

​पाकिस्तान की मध्यस्थता और चीन का रुख

​पाकिस्तान इस संकट में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ के रूप में उभर रहा है।

​शहबाज शरीफ का बयान: पाक पीएम ने कहा कि इस्लामाबाद युद्ध रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के साथ निरंतर संपर्क में है।

​चीन का प्रभाव: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बीजिंग में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। ट्रंप प्रशासन चीन पर दबाव बना रहा है कि वह अपने आर्थिक संबंधों का इस्तेमाल कर ईरान को समझौता करने के लिए मनाए। गौरतलब है कि ट्रंप खुद 14-15 मई को बीजिंग दौरे पर रहने वाले हैं।

​लाल सागर में सैन्य हलचल

​फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस का विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) लाल सागर की ओर बढ़ रहा है। फ्रांस और ब्रिटेन एक साझा मिशन के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा बहाल करने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि वैश्विक व्यापार फिर से शुरू हो सके।

​होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है अहम?

​होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारा है। इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हाहाकार मचा हुआ है। ट्रंप प्रशासन चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम में बड़ी कटौती करे और इस रास्ते को तुरंत खोले।

​अब पूरी दुनिया की नजरें 14-15 मई पर टिकी हैं, जब बीजिंग में ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात होगी और शायद वहीं से इस युद्ध के अंत या विस्तार की पटकथा लिखी जाएगी।

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