“वह दबाव झेल नहीं पाए…” प्रीतम ने किया खुलासा, अरिजीत सिंह ने क्यों लिया था गायकी से अचानक ब्रेक?
“वह दबाव झेल नहीं पाए…” प्रीतम ने किया खुलासा, अरिजीत सिंह ने क्यों लिया था गायकी से अचानक ब्रेक?
मुंबई: बॉलीवुड के सबसे चहेते गायक अरिजीत सिंह की आवाज का जादू आज पूरी दुनिया पर सिर चढ़कर बोलता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सफलता के शिखर पर बैठे इस गायक ने एक समय पर काम से पूरी तरह ब्रेक ले लिया था? संगीतकार प्रीतम, जिन्होंने अरिजीत को बॉलीवुड में बड़ा ब्रेक दिया, ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इस राज से पर्दा उठाया है।
प्रीतम ने बताया कि आखिर क्यों अरिजीत सिंह ने कुछ समय के लिए म्यूजिक इंडस्ट्री से दूरी बना ली थी और उस दौरान उनकी मानसिक स्थिति कैसी थी।
लगातार काम और शोहरत का दबाव
प्रीतम के अनुसार, अरिजीत सिंह एक बेहद संवेदनशील इंसान हैं। ‘आशिकी 2’ की अपार सफलता के बाद अरिजीत रातों-रात सुपरस्टार बन गए थे। हर फिल्ममेकर उन्हें ही अपनी फिल्म में गाना गवाना चाहता था।
24 घंटे काम: अरिजीत लगातार रिकॉर्डिंग स्टूडियो और लाइव कॉन्सर्ट्स के बीच भाग रहे थे।
प्राइवेसी का खत्म होना: अचानक मिली इस बड़ी शोहरत के कारण उनकी निजी जिंदगी प्रभावित होने लगी थी।
मानसिक थकान: प्रीतम ने कहा, “अरिजीत उस वक्त मानसिक रूप से काफी थक चुके थे। उन पर हर गाने को हिट बनाने का और इंडस्ट्री की उम्मीदों पर खरा उतरने का भारी दबाव था।”
प्रीतम की सलाह और अरिजीत का फैसला
इंटरव्यू में प्रीतम ने खुलासा किया कि अरिजीत ने उनसे अपनी बेचैनी साझा की थी। प्रीतम ने उन्हें खुद को समय देने और कुछ समय के लिए गायब हो जाने की सलाह दी।
”वह दबाव से टूट रहे थे। अरिजीत को लगा कि अगर वह ऐसे ही चलते रहे, तो उनका संगीत अपनी रूह खो देगा। इसलिए उन्होंने ब्रेक लिया और अपने गांव (जीयागंज) जाकर रहने लगे।”
ब्रेक के बाद और भी मजबूत हुई वापसी
अरिजीत का यह ब्रेक उनके करियर के लिए ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित हुआ। उन्होंने इस दौरान:
खुद को रीचार्ज किया।
संगीत की बारीकियों पर फिर से ध्यान दिया।
दबाव में काम करने के बजाय चुनिंदा और क्वालिटी प्रोजेक्ट्स पर फोकस करना शुरू किया।
आज अरिजीत सिंह न केवल एक गायक हैं, बल्कि वह अपनी शर्तों पर काम करने वाले एक ऐसे कलाकार बन चुके हैं जो चकाचौंध से दूर अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं। प्रीतम के इस खुलासे ने यह साफ कर दिया है कि सफलता के पीछे एक कलाकार को कितनी बड़ी मानसिक कीमत चुकानी पड़ती है।
