सीजफायर खत्म होते ही दहला कीव: रूस ने रिहायशी इमारत पर किया ड्रोन हमला, ट्रंप की मध्यस्थता वाली शांति की कोशिशों को लगा झटका
रूस और यूक्रेन के बीच शांति की उम्मीदें एक बार फिर धुंधली पड़ती नजर आ रही हैं। तीन दिनों के अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) के खत्म होते ही कीव की आसमान में फिर से बारूद की गंध घुल गई है।
सीजफायर खत्म होते ही दहला कीव: रूस ने रिहायशी इमारत पर किया ड्रोन हमला, ट्रंप की मध्यस्थता वाली शांति की कोशिशों को लगा झटका
कीव/मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिनों से चला आ रहा अस्थायी युद्धविराम सोमवार रात को समाप्त हो गया। मियाद खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद रूसी सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव को निशाना बनाते हुए भीषण ड्रोन हमले किए। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, एक ड्रोन सीधे रिहायशी इमारत पर गिरा, जिससे नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।
12 मई की रात फिर शुरू हुआ ‘खूनी खेल’
यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि 12 मई की देर रात रूसी सेना ने राजधानी कीव पर फिर से हमले शुरू कर दिए। यह हमला ठीक उसी ढर्रे पर था, जैसा रूस पिछले कई महीनों से सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने के लिए करता आया है। हालांकि, हताहतों की सटीक संख्या और नुकसान का पूरा आकलन अभी किया जा रहा है।
ट्रंप की मध्यस्थता और सीजफायर का मकसद
रूस और यूक्रेन के बीच यह तीन दिनों का छोटा ब्रेक (9 से 11 मई) कई मायनों में महत्वपूर्ण था:
विक्ट्री डे समारोह: रूस में 9 मई को मनाए जाने वाले ‘विक्ट्री डे’ के उपलक्ष्य में यह राहत दी गई थी।
ट्रंप का हस्तक्षेप: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के कारण दोनों पक्ष इस अस्थायी शांति के लिए राजी हुए थे।
युद्धबंदियों की अदला-बदली: इस दौरान दोनों देशों के बीच लगभग 1000 युद्धबंदियों की अदला-बदली करने की योजना थी।
सीजफायर के दौरान भी जारी रही छिटपुट हलचल
भले ही तीन दिनों तक कोई बड़ा हवाई हमला नहीं हुआ, लेकिन तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। यूक्रेनी वायु सेना ने रिपोर्ट दी कि सीजफायर के दौरान भी रूस ने कब्जे वाले क्रीमिया से एक इस्कंदर-M बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी और कुछ ड्रोन लॉन्च किए थे।
अमेरिका की नई कोशिश: बैन में राहत के बदले शांति?
पश्चिम एशिया (ईरान युद्ध) में बढ़ती अस्थिरता के बीच अमेरिका अब यूक्रेन के मोर्चे पर शांति बहाल करने के लिए जी-जान से जुटा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वॉशिंगटन एक ऐसी डील पर काम कर रहा है जिसमें:
रूस पर लगे कुछ कड़े आर्थिक प्रतिबंधों (Bans) में राहत दी जाएगी।
इसके बदले रूस को यूक्रेन के साथ लंबे समय तक सीजफायर और शांति वार्ता के लिए तैयार होना होगा।
निष्कर्ष: कीव पर हुआ ताजा हमला यह दर्शाता है कि कूटनीतिक बातचीत के बावजूद जमीन पर स्थिति अब भी बेहद नाजुक है। जहाँ अमेरिका इसे स्थायी शांति में बदलना चाहता है, वहीं रूस की तरफ से हुई यह बमबारी बातचीत की मेज पर दबाव बनाने की रणनीति भी हो सकती है। फिलहाल, कीव की जनता एक बार फिर बंकरों में शरण लेने को मजबूर है।
