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​NEET पेपर लीक: नासिक में पकड़ा गया ‘बहरूपिया’ आरोपी, पहचान छिपाने के लिए बदला था लुक; अब CBI करेगी बड़ी पूछताछ

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में जारी जांच के बीच एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजस्थान पुलिस ने महाराष्ट्र के नासिक से एक मुख्य आरोपी को धर दबोचा है।

​NEET पेपर लीक: नासिक में पकड़ा गया ‘बहरूपिया’ आरोपी, पहचान छिपाने के लिए बदला था लुक; अब CBI करेगी बड़ी पूछताछ

​नासिक/जयपुर: NEET-UG धांधली मामले की कड़ियां अब देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़ने लगी हैं। मंगलवार को नासिक पुलिस की मदद से राजस्थान पुलिस ने शुभम खैरनार नाम के एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। नासिक के डीसीपी किरण कुमार चव्हाण ने पुष्टि की है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से अपनी पहचान छिपाकर भाग रहा था।

​1. पहचान छिपाने के लिए बदला हुलिया

​पुलिस के मुताबिक, शुभम खैरनार इस पूरे रैकेट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी वेशभूषा और हेयर स्टाइल पूरी तरह बदल ली थी, ताकि पुलिस उसे पहचान न सके। हालांकि, तकनीकी सर्विलांस और सटीक खुफिया जानकारी के दम पर नासिक क्राइम ब्रांच ने उसे दबोच लिया।

​2. भोपाल कनेक्शन और राजस्थान पुलिस की कस्टडी

​पकड़ा गया आरोपी मूल रूप से नासिक का रहने वाला है, लेकिन पिछले कुछ सालों से वह मध्य प्रदेश के भोपाल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। राजस्थान पुलिस की एक टीम नासिक पहुंच रही है, जिसके बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर आरोपी को राजस्थान ले जाया जाएगा।

​3. अब CBI के हाथ में कमान

​एनटीए (NTA) ने कल ही परीक्षा रद्द करने के साथ ही पूरी जांच सीबीआई (CBI) को सौंपने का आदेश दिया था। शुभम खैरनार जैसे आरोपियों की गिरफ्तारी से अब सीबीआई को इस ‘संगठित अपराध’ की जड़ों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि पेपर आखिर लीक कहाँ से हुआ और इसमें कौन-से बड़े गिरोह शामिल हैं।

​4. 23 लाख छात्रों के लिए दोबारा परीक्षा

​नई तारीख: एनटीए ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा नए सिरे से होगी। नई तारीखों का ऐलान अगले कुछ दिनों में आधिकारिक वेबसाइट पर किया जाएगा।

​पुराना रिकॉर्ड सुरक्षित: एजेंसी ने भरोसा दिलाया है कि वे सीबीआई को पूरा रिकॉर्ड और सहयोग प्रदान करेंगे ताकि दोषियों को सख्त सजा मिले।

​पारदर्शिता पर जोर: सरकार का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में भरोसे को बहाल करने और ईमानदार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लिया गया है।

​निष्कर्ष: 3 मई को आयोजित हुई इस परीक्षा में शामिल हुए 23 लाख परीक्षार्थियों के लिए यह समय मानसिक तनाव भरा है, लेकिन पुलिस और अब सीबीआई की त्वरित कार्रवाई से यह उम्मीद जगी है कि इस घोटाले के पीछे बैठे ‘मास्टरमाइंड’ जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।

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