राजनीति

तमिलनाडु में ‘विजय’ युग का आगाज़: मुख्यमंत्री ने शुरू की सियासी बिसात, बागी विधायकों के समर्थन से विपक्ष में खलबली

तमिलनाडु में ‘विजय’ युग का आगाज़: मुख्यमंत्री ने शुरू की सियासी बिसात, बागी विधायकों के समर्थन से विपक्ष में खलबली

​चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में दशकों से चले आ रहे द्रविड़ किलों (DMK और AIADMK) को ध्वस्त करते हुए अभिनेता से नेता बने जोसफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की कमान संभाल ली है। उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) ने अपने पहले ही चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज कर राज्य की राजनीतिक इबारत बदल दी है। शपथ ग्रहण के बाद से ही चेन्नई में कूटनीतिक बैठकों का दौर जारी है, जो राज्य के भविष्य के समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।

​विपक्षी खेमे में सेंध: 30 विधायकों का साथ!

​सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री विजय ने अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए विपक्षी खेमे में बड़ी सेंध लगाई है। सूत्रों के मुताबिक, विजय की AIADMK के बागी गुट के साथ बढ़ती नजदीकियों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।

​दिग्गजों का साथ: दिग्गज नेता सीवी शनमुगम का विजय के साथ दिखाई देना और बागी गुट के 30 विधायकों द्वारा समर्थन का ऐलान करना बेहद अहम माना जा रहा है।

​फ्लोर टेस्ट: विशेषज्ञों का मानना है कि इस समर्थन के बाद आगामी फ्लोर टेस्ट अब केवल एक औपचारिकता रह गया है, जिससे विजय सरकार की स्थिरता सुनिश्चित होती दिख रही है।

​गठबंधन के साथियों का आभार और सामाजिक सुधार

​मुख्यमंत्री विजय ने अपनी सरकार को समर्थन देने वाले दलों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए उनके मुख्यालयों का दौरा किया:

​IUML से मुलाकात: विजय ने आईयूएमएल (IUML) मुख्यालय पहुंचकर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

​बड़ा फैसला: इस दौरान आईयूएमएल अध्यक्ष के एम कादर मोहिदीन ने विजय के उस साहसी फैसले की सराहना की, जिसमें उन्होंने राज्य की 700 से अधिक टीएएसएमएसी (TASMAC) शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है।

​कांग्रेस को धन्यवाद: मुख्यमंत्री ने चेन्नई स्थित कांग्रेस मुख्यालय का भी दौरा किया और समर्थन के लिए कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का आभार व्यक्त किया।

​द्रविड़ राजनीति का नया चेहरा

​दशकों तक डीएमके (DMK) और एआईएडीएमके (AIADMK) के इर्द-गिर्द घूमने वाली तमिलनाडु की राजनीति अब एक नए ध्रुव की ओर मुड़ गई है। विजय का ‘किंगमेकर’ से ‘किंग’ बनने का सफर और फिर अन्य दलों को साधने की उनकी कला यह दर्शाती है कि वे केवल एक फिल्मी सितारे नहीं, बल्कि एक मंझे हुए राजनेता के रूप में उभरे हैं।

​निष्कर्ष:

तमिलनाडु अब विजय के नेतृत्व में एक बड़े प्रशासनिक और सामाजिक बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। शराबबंदी जैसे कड़े फैसले और विपक्षी विधायकों का समर्थन हासिल करना यह बताता है कि ‘थलापति’ विजय लंबी रेस के खिलाड़ी साबित होने वाले हैं।

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