NCRB रिपोर्ट 2024: कुल अपराधों में 6% की कमी, लेकिन साइबर क्राइम में 18% की भारी बढ़ोतरी
NCRB रिपोर्ट 2024: कुल अपराधों में 6% की कमी, लेकिन साइबर क्राइम में 18% की भारी बढ़ोतरी
नई दिल्ली: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी ‘क्राइम इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट के अनुसार, देश में कुल संज्ञेय अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, लेकिन डिजिटल दुनिया की चुनौती साइबर क्राइम के रूप में तेजी से बढ़ रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में देशभर में 58.85 लाख अपराध दर्ज किए गए, जो 2023 के 62.41 लाख मामलों की तुलना में 6 प्रतिशत कम है। अपराध दर (प्रति लाख आबादी) भी 448.3 से घटकर 418.9 रह गई।
साइबर क्राइम में तेज उछाल
इसके विपरीत, साइबर अपराधों में करीब 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। 2023 में 86,420 मामले दर्ज होने के बाद 2024 में इनकी संख्या बढ़कर 1,01,928 हो गई। साइबर क्राइम की दर भी 6.2 से बढ़कर 7.3 प्रति लाख आबादी पहुंच गई।
इन मामलों में सबसे ज्यादा फ्रॉड (धोखाधड़ी) के मामले सामने आए, जो कुल साइबर क्राइम का 72.6 प्रतिशत (73,987 मामले) है। इसके बाद यौन शोषण (3.1%) और एक्सटॉर्शन (2.5%) के मामले दर्ज किए गए।
अन्य प्रमुख निष्कर्ष
हत्या के मामले: 27,049 (2.4% की मामूली कमी)।
आर्थिक अपराधों में 4.6% की बढ़ोतरी।
ड्रग ओवरडोज से मौतों में 50% की वृद्धि।
महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) के खिलाफ अपराधों में भी कमी दर्ज की गई।
NCRB की रिपोर्ट में कुल अपराधों में कमी का श्रेय नई दंड व्यवस्था (BNS) और बेहतर पुलिसिंग को दिया जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञ साइबर सुरक्षा जागरूकता, डिजिटल लिटरेसी और साइबर पुलिसिंग को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।
साइबर अपराध मुख्य रूप से ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग और सोशल मीडिया के जरिए होने वाले शोषण से जुड़े हैं, जो आम नागरिकों खासकर बुजुर्गों और युवाओं को निशाना बना रहे हैं।
NCRB की यह रिपोर्ट सरकार, पुलिस और नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है कि पारंपरिक अपराध घट रहे हैं, लेकिन नई डिजिटल चुनौतियां तेजी से बढ़ रही हैं।
