केरल के अगले CM पर सस्पेंस: कांग्रेस विधायक दल ने आलाकमान को सौंपा फैसला, तीन दिग्गजों के बीच कड़ा मुकाबला
केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य की कमान किसके हाथ में होगी। 10 साल बाद सत्ता में वापसी कर रही कांग्रेस के लिए मुख्यमंत्री का चयन एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। आज तिरुवनंतपुरम में हुई कांग्रेस विधायक दल (CLP) की महत्वपूर्ण बैठक और वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण नीचे दिया गया है:
केरल के अगले CM पर सस्पेंस: कांग्रेस विधायक दल ने आलाकमान को सौंपा फैसला, तीन दिग्गजों के बीच कड़ा मुकाबला
तिरुवनंतपुरम | 07 मई 2026
केरल में यूडीएफ (UDF) की शानदार जीत के बाद आज नव-निर्वाचित कांग्रेस विधायकों की बैठक हुई। इस बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री चुनने का अंतिम अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को दे दिया गया है।
पर्यवेक्षकों की रायशुमारी: ‘वन-टू-वन’ संवाद
पार्टी आलाकमान द्वारा भेजे गए विशेष पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक आज दिन भर तिरुवनंतपुरम में डटे रहे। उन्होंने बंद कमरे में सभी विधायकों से एक-एक कर बात की और उनकी पसंद जानी। पर्यवेक्षक गुरुवार शाम वापस दिल्ली लौटेंगे और अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंपेंगे।
केरल सीएम की रेस में ये तीन नाम सबसे आगे
मुख्यमंत्री की दौड़ में तीन चेहरे सबसे प्रमुखता से उभरकर सामने आए हैं:
के.सी. वेणुगोपाल (63 वर्ष): संगठन और आलाकमान के सबसे करीबी माने जाते हैं। विधायकों के बीच इनका समर्थन आधार काफी मजबूत है।
वी.डी. सतीशन (62 वर्ष): निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष के रूप में इनकी छवि बहुत साफ और दमदार रही है। आम जनता के बीच ये काफी लोकप्रिय हैं।
रमेश चेन्नीथला (70 वर्ष): पार्टी के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं और पूर्व में कई महत्वपूर्ण पद संभाल चुके हैं।
खास बात यह है कि ये तीनों ही नेता केरल के प्रभावशाली ‘नायर’ समाज से आते हैं, जिसकी राज्य की आबादी में लगभग 12% हिस्सेदारी है।
दिल्ली में होगा अंतिम फैसला
माना जा रहा है कि अंतिम फैसले से पहले राहुल गांधी और खरगे केरल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुला सकते हैं। कांग्रेस आलाकमान की कोशिश एक ऐसे नेतृत्व को चुनने की है जो बिना किसी आंतरिक गुटबाजी के मजबूती से सरकार चला सके। 10 साल बाद मिली इस बड़ी जीत (UDF को 99 सीटें) को कांग्रेस किसी भी कीमत पर विवादों में नहीं डालना चाहती।
राजधानी तिरुवनंतपुरम से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज है और अगले 24 से 48 घंटों में केरल के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है।
