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दिल्ली: निगम बोध घाट की यमुना बाजार कॉलोनी पर बुलडोजर की तलवार, 310 परिवारों को 15 दिन में खाली करने का नोटिस

दिल्ली: निगम बोध घाट की यमुना बाजार कॉलोनी पर बुलडोजर की तलवार, 310 परिवारों को 15 दिन में खाली करने का नोटिस

नई दिल्ली: यमुना किनारे बसी पुरानी दिल्ली की यमुना बाजार कॉलोनी में रह रहे 310 परिवारों पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। दिल्ली प्रशासन और डीडीए (Delhi Development Authority) ने निगम बोध घाट स्थित इस कॉलोनी को खाली करने का नोटिस जारी कर दिया है। परिवारों को 15 दिनों के अंदर मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।

नोटिस आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह पूरा इलाका O-Zone (यमुना फ्लडप्लेन/बाढ़ क्षेत्र) में आता है। यहां किसी भी प्रकार का स्थायी निर्माण अवैध है।

मुख्य कारण

हर साल मानसून में यमुना नदी उफान पर आती है और सबसे पहले यही इलाका बाढ़ की चपेट में आता है।

लोगों की जान-माल को खतरा बना रहता है।

बाढ़ के पानी से कॉलोनी में जलभराव और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ जाती हैं।

प्रभावितों की प्रतिक्रिया

स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। कई परिवार दशकों से यहां रह रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि यह क्षेत्र DDA की जमीन है और लंबे समय से बसावट है। लोग कह रहे हैं कि “जिंदगी, रोजगार और बच्चों की पढ़ाई सब यहीं है”। अचानक बेघर होने से उनका पूरा जीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा।

प्रशासन की योजना

नोटिस के अनुसार 15 दिन बाद कार्रवाई शुरू हो सकती है।

डीडीएमए (Delhi Disaster Management Authority) और संबंधित विभाग इसकी निगरानी कर रहे हैं।

प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था या पुनर्वास की कोई स्पष्ट जानकारी अभी नहीं दी गई है।

यह कार्रवाई यमुना को साफ-सुथरा और बाढ़ से मुक्त रखने के बड़े मिशन का हिस्सा मानी जा रही है। लेकिन स्थानीय लोगों ने इसे मानवीय संकट बताया है और प्रशासन से पुनर्वास की मांग की है।

अपडेट: स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यदि परिवार नोटिस का पालन नहीं करते तो बुलडोजर कार्रवाई संभव है।

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