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ईरान होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा रहा है दबाव: भारत का जहाज डूबा, UAE का जहाज जब्त

ईरान होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा रहा है दबाव: भारत का जहाज डूबा, UAE का जहाज जब्त

होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के इलाके में ईरान की नौसैनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। 13 मई को भारतीय झंडे वाले MSV हाजी अली जहाज पर हमला हुआ (जिसमें जहाज डूब गया), और अब UAE तट के पास एक और जहाज को जब्त कर ईरान की तरफ ले जाया जा रहा है।

क्या हुआ हाजी अली जहाज के साथ?

13 मई की सुबह ओमान के तट (लिमाह इलाका) के पास गुजरात के द्वारका निवासी सुलतान अहमद अंसारी के स्वामित्व वाले MSV हाजी अली पर संदिग्ध ड्रोन या मिसाइल हमला हुआ।

हमले से जहाज में जोरदार विस्फोट और आग लग गई, जिसके बाद जहाज डूब गया।

जहाज सोमालिया के बेरबेरा पोर्ट से शारजाह (UAE) जा रहा था और उसमें मवेशी (भेड़-बकरियां) लदे थे।

सभी 14 भारतीय क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। ओमान कोस्ट गार्ड ने उन्हें बचाया।

भारत सरकार ने हमले की कड़ी निंदा की है और कहा कि व्यावसायिक जहाजों व निर्दोष नाविकों को निशाना बनाना अस्वीकार्य है।

UAE का जहाज जब्त होने की खबर

14 मई को UAE के फुजैरा पोर्ट के पास (38 nautical miles पूर्वोत्तर) एक जहाज को अनधिकृत व्यक्तियों ने कब्जा कर लिया।

जहाज अब ईरानी जल क्षेत्र की ओर ले जाया जा रहा है (UK Maritime Trade Operations – UKMTO की रिपोर्ट)।

यह घटना भी होर्मुज स्ट्रेट के पास हुई है।

ईरान क्या कर रहा है?

ईरान अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बीच होर्मुज स्ट्रेट (दुनिया के 20-30% तेल गुजरने वाला रास्ता) पर अपना नियंत्रण दिखा रहा है। उसकी रणनीति है:

व्यावसायिक जहाजों पर हमले/जब्ती करके दबाव बनाना।

तेल निर्यात और शिपिंग को बाधित कर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डालना।

जवाबी कार्रवाई के रूप में UAE, अमेरिका समर्थित हितों को निशाना बनाना।

पिछले कुछ हफ्तों में ईरान ने कई जहाजों को जब्त या हमला किया है।

ईरान का दावा है कि ये कार्रवाइयां सुरक्षा और अपने हितों की रक्षा के लिए हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है।

भारत की स्थिति

भारत ने अब तक किसी को सीधे जिम्मेदार नहीं ठहराया, लेकिन क्षेत्र में अपने जहाजों की सुरक्षा बढ़ा दी है। विदेश मंत्रालय और नौसेना स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

यह पूरा घटनाक्रम मिडिल ईस्ट के बढ़ते तनाव का हिस्सा है, जिससे वैश्विक शिपिंग रूट, तेल कीमतें और व्यापार प्रभावित हो रहे हैं। स्थिति तेजी से बदल रही है।

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