Thursday, September 10, 2026
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भारत ने ओमान तट पर भारतीय जहाज पर हमले की कड़ी निंदा की, MEA बोला- बर्दाश्त नहीं होगा

भारत ने ओमान तट पर भारतीय जहाज पर हमले की कड़ी निंदा की, MEA बोला- बर्दाश्त नहीं होगा

नई दिल्ली: भारत ने बुधवार को ओमान के समुद्री तट के पास अपने झंडे वाले मालवाहक जहाज पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि व्यावसायिक जहाजों और आम नाविकों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।

विदेश मंत्रालय ने बयान में स्पष्ट कहा, “ऐसे हमलों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। हम इस कृत्य की निंदा करते हैं कि कमर्शियल शिपिंग और बेगुनाह क्रू मेंबर्स को लगातार खतरे में डाला जा रहा है।”

जहाज का हादसा

13 मई की सुबह ओमान के तट के पास गुजरात के द्वारका निवासी सुलतान अहमद अंसारी के स्वामित्व वाले MSV हाजी अली जहाज पर हमला हुआ। जहाज बेरबेरा पोर्ट (सोमालिया) से शारजाह (UAE) जा रहा था।

प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, जहाज को ड्रोन या मिसाइल जैसा हथियार लगा, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ और जहाज में आग लग गई। हालात बिगड़ते देख 14 भारतीय क्रू मेंबर्स ने लाइफबोट से जहाज छोड़ दिया। ओमान कोस्ट गार्ड ने तुरंत कार्रवाई कर सभी 14 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया।

MEA का बयान

विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि सभी भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और ओमानी अधिकारियों को उनके त्वरित बचाव कार्य के लिए धन्यवाद दिया। MEA ने एक बार फिर दोहराया कि नौवहन की आजादी और कमर्शियल शिपिंग को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का उल्लंघन है।

संदर्भ

यह घटना ईरान-इजरायल- अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट के आसपास समुद्री अस्थिरता के बीच हुई है। पिछले कुछ समय में इस क्षेत्र में कई व्यावसायिक जहाजों पर हमले हो चुके हैं, जिससे वैश्विक शिपिंग रूट्स पर खतरा बढ़ गया है।

भारत ने सभी पक्षों से समुद्री मार्गों की सुरक्षा बनाए रखने और निर्दोष नाविकों के जीवन को खतरे में डालने से बचने की अपील की है।

सभी क्रू सदस्य सुरक्षित

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय दूतावास ओमानी अधिकारियों के संपर्क में है और क्रू सदस्यों की वापसी की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

यह घटना भारत के लिए समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चुनौती पेश करती है, खासकर पश्चिम एशिया में उसके बढ़ते व्यापारिक हितों के बीच।

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