बीजिंग में ट्रंप-जिनपिंग की हाई-वोल्टेज बैठक शुरू, ईरान युद्ध-ताइवान और टैरिफ पर दुनिया की नजर
बीजिंग में ट्रंप-जिनपिंग की हाई-वोल्टेज बैठक शुरू, ईरान युद्ध-ताइवान और टैरिफ पर दुनिया की नजर
बीजिंग: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की दो दिवसीय हाई-प्रोफाइल बैठक गुरुवार को बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में शुरू हो गई। विश्व की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच यह बैठक ईरान युद्ध, ताइवान, टैरिफ, व्यापार और प्रौद्योगिकी प्रतिस्पर्धा जैसे अहम मुद्दों पर केंद्रित है।
ट्रंप बुधवार को बीजिंग पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। गुरुवार को शी जिनपिंग ने औपचारिक स्वागत समारोह के साथ ट्रंप का हाथ मिलाया। दोनों नेताओं ने लगभग दो घंटे तक द्विपक्षीय बातचीत की।
अभी तक के प्रमुख अपडेट:
शी जिनपिंग का संदेश: शी ने कहा कि व्यापार वार्ता में प्रगति हो रही है, लेकिन ताइवान मुद्दे पर गलत कदम उठाने से संबंध “खतरनाक” दिशा में जा सकते हैं। चीन ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानता है।
ट्रंप का रुख: ट्रंप ने बैठक को “बहुत अच्छा” बताया और कहा कि दोनों देशों के बीच “शानदार भविष्य” होगा। उन्होंने चीन से ईरान पर दबाव बनाने की अपील की ताकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुल सके और वैश्विक ऊर्जा संकट कम हो।
मुख्य मुद्दे:
ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की स्थिति (चीन ईरान का बड़ा तेल खरीदार है)।
अमेरिका-चीन टैरिफ और व्यापार संतुलन।
ताइवान को अमेरिकी हथियार बिक्री (11 बिलियन डॉलर का पैकेज)।
दुर्लभ खनिज, AI, चिप्स और प्रौद्योगिकी प्रतिबंध।
बैठक का महत्व
यह ट्रंप की 2017 के बाद चीन की पहली यात्रा है। बैठक के दौरान दोनों नेता टेम्पल ऑफ हेवन का दौरा करेंगे और स्टेट बैंक्वेट में शामिल होंगे। व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में कई अमेरिकी CEO भी शामिल हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि दोनों पक्ष पूर्ण समझौते की बजाय स्थिरता और सीमित डील पर फोकस कर रहे हैं। ईरान युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव है, जिससे दोनों देश प्रभावित हो रहे हैं।
बैठक अभी जारी है। परिणाम आने वाले घंटों या दिनों में सामने आएंगे, जो वैश्विक राजनीति, तेल कीमतों और व्यापार को प्रभावित कर सकते हैं।
दुनिया इस हाई-वोल्टेज डिप्लोमेसी को करीब से देख रही है। क्या ट्रंप कोई बड़ा डील लेकर वापस लौटेंगे? अपडेट्स का इंतजार।
