महंगाई का ‘ट्रिपल अटैक’: दो दिनों में गोल्ड, दूध और CNG ने आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ाया
महंगाई का ‘ट्रिपल अटैक’: दो दिनों में गोल्ड, दूध और CNG ने आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ाया
नई दिल्ली: महंगाई ने आम आदमी को फिर से झटका दिया है। मात्र दो दिनों में गोल्ड, दूध और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को और तंग कर दिया है। सरकार द्वारा गोल्ड और सिल्वर पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने के तुरंत बाद अमूल-मदर डेयरी ने दूध महंगा कर दिया, जबकि कुछ शहरों में CNG की कीमतों में भी उछाल आया है।
क्या-क्या हुआ महंगा?
गोल्ड-सिल्वर पर भारी उछाल: केंद्र सरकार ने 6% से बढ़ाकर 15% इंपोर्ट ड्यूटी कर दी। इसके चलते 13 मई को MCX पर गोल्ड की कीमतें 7% तक उछल गईं और 10 ग्राम गोल्ड ₹1,62,000 से ₹1,64,000 के पार पहुंच गया। ज्वेलर्स में भी 22 कैरेट गोल्ड की कीमतों में हजारों रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
दूध हुआ ₹2 प्रति लीटर महंगा: 14 मई से अमूल और मदर डेयरी ने देशभर में दूध के दाम ₹2 प्रति लीटर बढ़ा दिए। अमूल ताजा (टोंड) और गोल्ड मिल्क दोनों वेरिएंट महंगे हो गए। कंपनी ने बढ़ती इनपुट कॉस्ट, पशु चारे, पैकेजिंग और परिवहन खर्च को वजह बताया।
CNG की कीमतों में भी असर: दिल्ली-NCR में CNG कीमतें स्थिर बनी रहीं, लेकिन पुणे, गुजरात, राजस्थान और कुछ अन्य शहरों में निजी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स ने ₹1 से ₹2.5 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी कर दी। ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस और घरेलू गैस कीमतों में उछाल इसका मुख्य कारण है।
आम आदमी पर क्या असर?
शादी-ब्याह और जेवर खरीदने वाले परिवारों पर गोल्ड की बढ़ी हुई कीमतों का सीधा बोझ।
रोजाना चाय-दूध पीने वाले हर घर का खर्च बढ़ेगा। औसत परिवार को महीने में अतिरिक्त ₹50-60 का बोझ पड़ सकता है।
CNG से चलने वाली ऑटो, टैक्सी और प्राइवेट कारों का किराया बढ़ने की आशंका।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल तनाव, रुपए पर दबाव और इनपुट कॉस्ट बढ़ने से महंगाई का यह सिलसिला जारी रह सकता है। सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए ड्यूटी बढ़ाई है, लेकिन इसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
सरकार और कंपनियों का बयान
अमूल (GCMMF) ने कहा कि किसानों को बेहतर दाम देने और सप्लाई बनाए रखने के लिए यह बढ़ोतरी जरूरी थी। सरकार का कहना है कि गोल्ड ड्यूटी से लंबे समय में अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।
महंगाई की इस मार से आम आदमी कब राहत पाएगा? फिलहाल घरेलू बजट संभालना और मुश्किल हो गया है। क्या सरकार कोई राहत पैकेज लाएगी? समय बताएगा।
