देवास पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 3 मजदूरों की मौत; 11 घायल इंदौर रेफर
देवास पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 3 मजदूरों की मौत; 11 घायल इंदौर रेफर
देवास (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के देवास जिले में गुरुवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में ज़ोरदार धमाका हो गया। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। घायलों में से 11 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें इंदौर रेफर कर दिया गया है।
धमाका देवास के टोंक कलां क्षेत्र (एबी रोड) में स्थित फैक्ट्री में हुआ। स्थानीय लोगों के अनुसार, फैक्ट्री अवैध रूप से पटाखे बना रही थी। सुबह करीब 11:30 बजे काम कर रहे मजदूरों के बीच अचानक ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शवों के टुकड़े सड़क तक बिखर गए और पूरे इलाके में धुआं छा गया।
हादसे पर CM मोहन यादव का दुख
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने जिले के प्रभारी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। CM ने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने का ऐलान किया। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
राहत और बचाव कार्य जारी
देवास प्रशासन, पुलिस, फायर ब्रिगेड और SDRF की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। घायलों को पहले देवास जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर रूप से घायल 11 लोगों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया। कुछ घायलों का इलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। बारूद और पटाखों के भंडारण में लापरवाही बरती गई थी, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक और मैनेजमेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
यह घटना हरदा बारूद हादसे की याद दिलाती है, जहां सुरक्षा लापरवाही के कारण बड़ा नुकसान हुआ था। देवास हादसे के बाद मध्य प्रदेश में पटाखा फैक्टरियों की जांच तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिजनों में मचा कोहराम
मृतकों और घायलों के परिजन रो-रोकर बुरा हाल हो रहे हैं। पूरे इलाके में शोक की लहर है। प्रशासन ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है।
यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की जरूरत पर सवाल खड़ा करती है।
