सावधान! दिल्ली की सड़कों पर ‘रॉन्ग साइड’ ड्राइविंग अब सिर्फ चालान नहीं, जेल की वजह बनेगी
सावधान! दिल्ली की सड़कों पर ‘रॉन्ग साइड’ ड्राइविंग अब सिर्फ चालान नहीं, जेल की वजह बनेगी
नई दिल्ली | विशेष संवाददाता
दिल्ली में शॉर्टकट के चक्कर में गलत दिशा (Wrong Side) में गाड़ी चलाने वालों की अब खैर नहीं है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इस खतरनाक प्रवृत्ति को रोकने के लिए अब तक का सबसे सख्त अभियान शुरू किया है। अब पुलिस सिर्फ चालान काटकर आपको नहीं छोड़ेगी, बल्कि आपकी लापरवाही पर सीधे FIR दर्ज की जाएगी।
चालान के साथ अब FIR का भी प्रावधान
अब तक रॉन्ग साइड ड्राइविंग को केवल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन माना जाता था, लेकिन अब दिल्ली पुलिस इसे ‘जानलेवा लापरवाही’ की श्रेणी में रख रही है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 के पहले हफ्ते में ही पुलिस ने 7,249 चालान काटने के साथ-साथ 72 FIR दर्ज की हैं।
ये FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 281 (रैश ड्राइविंग) के तहत दर्ज की जा रही हैं। इसका मतलब है कि अब मामला सीधे कोर्ट पहुंचेगा।
नए नियम और जुर्माने की दरें
ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दंड केवल पैसों तक सीमित नहीं रहेगा:
पहला अपराध: ₹5,000 का जुर्माना।
दोबारा पकड़े जाने पर: ₹10,000 का भारी-भरकम जुर्माना।
FIR की स्थिति में: अगर मामला गंभीर है, तो 6 महीने तक की जेल, ₹1,000 का अतिरिक्त कोर्ट जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
वाहन की जब्ती: FIR दर्ज होते ही गाड़ी को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा, जिसे छुड़ाने के लिए आपको कोर्ट के चक्कर लगाने होंगे।
क्यों सख्त हुई दिल्ली पुलिस?
ट्रैफिक अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में होने वाले बड़े हादसों और ‘हेड-ऑन कोलिजन’ (आमने-सामने की टक्कर) का सबसे बड़ा कारण रॉन्ग साइड ड्राइविंग है। साल 2025 में ऐसे 3 लाख से ज्यादा मामले सामने आए थे, जिसके बाद पुलिस ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का फैसला किया।
इन इलाकों पर विशेष नजर
पुलिस ने दिल्ली के सेंट्रल रेंज, ईस्टर्न रेंज और न्यू दिल्ली रेंज को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया है। यहां सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं जो कैमरों और सेंसर की मदद से नियम तोड़ने वालों पर नजर रख रहे हैं।
नोट: दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अपील की है कि 2-5 मिनट का समय बचाने के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें। हमेशा निर्धारित लेन और सही दिशा का ही पालन करें।
