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क्यूबा में डीजल खत्म, 20-22 घंटे बिजली कटौती; हवाना में बढ़ा आक्रोश

क्यूबा में डीजल खत्म, 20-22 घंटे बिजली कटौती; हवाना में बढ़ा आक्रोश

हवाना: क्यूबा इन दिनों भयंकर ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। देश के ऊर्जा एवं खान मंत्री विसेंटे डे ला ओ लेवी ने बुधवार को स्वीकार किया कि देश में डीजल और फ्यूल ऑयल का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। राजधानी हवाना समेत कई इलाकों में रोजाना 20 से 22 घंटे तक बिजली गुल रह रही है, जो पिछले कई दशकों की सबसे बुरी स्थिति है।

क्यूबा सरकार ने इस संकट का ठीकरा अमेरिका पर फोड़ा है। हवाना का आरोप है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने जनवरी 2026 में ऑयल ब्लॉकेड (तेल नाकाबंदी) लगा दी, जिसके बाद वेनेजुएला, मैक्सिको और अन्य देशों से तेल आयात लगभग बंद हो गया। अमेरिका ने उन देशों पर भारी टैरिफ की धमकी दी जो क्यूबा को तेल सप्लाई करते हैं।

संकट की मुख्य वजहें:

जनवरी 2026 में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर कार्रवाई और तेल शिपमेंट्स रोकना।

अन्य देशों पर टैरिफ का खतरा, जिससे क्यूबा को तेल मिलना बंद।

पुरानी बिजली संयंत्रों का खराब होना और रखरखाव की कमी।

रूसी सहायता से आए कुछ तेल का स्टॉक भी मई की शुरुआत में खत्म।

आम लोगों पर असर

घरों, अस्पतालों, स्कूलों और फैक्टरियों में भारी परेशानी।

पेट्रोल-डीजल की किल्लत के कारण पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठप, लंबी कतारें।

कचरा संग्रहण रुकने से सड़कों पर गंदगी।

कई इलाकों में Protest शुरू, लोग रोशनी और बिजली की मांग कर रहे हैं।

क्यूबा सरकार का कहना है कि देश अब सोलर एनर्जी और सीमित प्राकृतिक गैस पर निर्भर है, लेकिन यह मांग पूरी करने के लिए काफी नहीं। ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी कि बिना नए तेल आयात के स्थिति और बिगड़ सकती है।

अमेरिका की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि वाशिंगटन पहले कह चुका है कि क्यूबा सरकार की नीतियों और कुछ देशों से उसके संबंधों के कारण यह दबाव बनाया गया है।

क्यूबा का संकट गहरी आर्थिक और राजनीतिक उथल-पुथल का प्रतीक बन गया है। लाखों क्यूबावासी लंबे समय से बिजली, ईंधन, दवा और खाने की कमी से जूझ रहे हैं। क्या कोई नया समझौता या राहत आ पाएगी, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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