पवन खेड़ा से असम पुलिस की दूसरे दिन की पूछताछ समाप्त; 25 मई को फिर पेश होने का निर्देश
पवन खेड़ा से असम पुलिस की दूसरे दिन की पूछताछ समाप्त; 25 मई को फिर पेश होने का निर्देश
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा से असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन पूछताछ की। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए मामले में खेड़ा अपना पक्ष रखने गुवाहाटी पहुंचे थे।
पूछताछ के बाद खेड़ा का बयान
मीडिया से बात करते हुए पवन खेड़ा ने कहा, “मुझसे वही सवाल पूछे गए जो सामान्यतः किसी जांच के दौरान पूछे जाते हैं। मुझे अब अगली बार 25 मई को बुलाया गया है और मैं फिर आऊंगा। एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते जांच में सहयोग करना मेरा कर्तव्य है।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे मुख्यमंत्री की पत्नी के खिलाफ अपने आरोपों पर अब भी कायम हैं, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि वे केवल जांच अधिकारियों के सवालों के जवाब देंगे।
मामले की पृष्ठभूमि और आरोप
5 अप्रैल: पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास तीन विदेशी पासपोर्ट और अमेरिका में 50 हजार करोड़ रुपये की कंपनी है।
एफआईआर: इन आरोपों के बाद रिनिकी भुइयां सरमा ने गुवाहाटी में खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई: बुधवार को खेड़ा से लगभग 10 घंटे तक गहन पूछताछ की गई थी, जिसके बाद उन्हें गुरुवार को दोबारा बुलाया गया था।
कानूनी घटनाक्रम: हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक
ट्रांजिट जमानत: मामला दर्ज होने के बाद खेड़ा ने तेलंगाना हाई कोर्ट से 7 दिन की ट्रांजिट अग्रिम जमानत ली थी।
सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप: असम पुलिस ने इस जमानत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसके बाद शीर्ष अदालत ने ट्रांजिट जमानत पर रोक लगाते हुए खेड़ा को गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया।
अंतिम राहत: गुवाहाटी हाई कोर्ट से राहत न मिलने पर खेड़ा फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान की गई। कोर्ट ने इस दौरान यह भी टिप्पणी की थी कि यह मामला ‘राजनीतिक रंजिश’ से प्रेरित प्रतीत होता है।
मुख्य निष्कर्ष: फिलहाल पवन खेड़ा को 25 मई को अगली पूछताछ के लिए उपस्थित होना होगा। पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है।
