ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर तीनों सेनाओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस: मुख्य बातें
ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर तीनों सेनाओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस: मुख्य बातें
भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आज जयपुर के साउथ वेस्टर्न कमांड (सप्तशक्ति हॉल) में हुई। इसमें पूर्व DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। यह कॉन्फ्रेंस ऑपरेशन सिंदूर (6-7 मई 2025) की पहली वर्षगांठ पर आयोजित की गई, जिसमें आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ता और ट्राई-सर्विसेज की एकजुटता पर जोर दिया गया।
मुख्य बिंदु जो अधिकारियों ने कहे:
लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई (सेना):
“ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य पूरा हो गया। हमने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी हब्स को नष्ट किया, 100+ आतंकियों को मार गिराया।”
“यह अंत नहीं, शुरुआत है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।”
“सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदले।” (दुष्यंत कुमार की पंक्ति का हवाला)।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर: “65%+ डिफेंस इक्विपमेंट स्वदेशी। ब्रह्मोस, अकाश आदि सिस्टम ने बड़ी भूमिका निभाई। आत्मनिर्भरता सिर्फ नारा नहीं, फोर्स मल्टीप्लायर है।”
पाकिस्तान ने ऑपरेशन के दौरान “रोकने” की अपील की। भारत ने कैलिब्रेटेड और प्रिसाइज रिस्पॉन्स दिया, लंबा संघर्ष टाला।
ट्राई-सर्विसेज कोऑर्डिनेशन:
ऑपरेशन पूरी तरह जॉइंट था — लैंड, एयर और सी डोमेन में एकीकृत। CDS और तीनों चीफ्स की देखरेख में प्लानिंग से एक्जीक्यूशन तक जोड़ना शामिल था।
“कोई आतंकी सैंक्चुअरी सुरक्षित नहीं रहा।” प्रिसीजन स्ट्राइक्स से सरप्राइज अचीव किया गया।
नौसेना (Vice Admiral AN Pramod):
समुद्री क्षेत्र में पूर्ण जागरूकता बनाए रखी। पाकिस्तानी यूनिट्स की मूवमेंट पर नजर। लॉन्ग-रेंज प्रिसीजन वेपन्स से आतंकी हब्स पर हमला।
“भारतीय नौसेना डिटेरेंट पोस्चर में तैनात है, किसी भी दुश्मन कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार।”
वायुसेना:
प्रिसीजन स्ट्राइक्स, ड्रोन और UAV का इस्तेमाल। पाकिस्तान के एयर डिफेंस और बेस पर प्रभावी हमले। “भारत भूलता नहीं।”
ऑपरेशन सिंदूर का बैकग्राउंड (संक्षेप में):
ट्रिगर: 22 अप्रैल 2025 का पहलगाम आतंकी हमला (26+ निर्दोष मारे गए)।
समय: 6-7 मई 2025 की रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच।
लक्ष्य: पाकिस्तान और PoK में लश्कर, जैश आदि के ट्रेनिंग कैंप और आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर। केवल आतंकी ठिकाने, कोई सिविलियन/मिलिट्री टारगेट नहीं।
परिणाम: आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर तबाह, पाकिस्तान की एयर डिफेंस भेदी गई। भारत ने न्यूक्लियर ब्लैकमेल का जवाब दिया।
अन्य महत्वपूर्ण संदेश:
भारत आत्मरक्षा में कार्रवाई कर रहा था। पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है, इसका सबूत दुनिया के सामने।
सेना उच्च अलर्ट पर है। किसी भी मिसअडवेंचर का “फीयर्स एंड पनिशमेंट” जवाब दिया जाएगा।
“ऑपरेशन सिंदूर ने नई सिक्योरिटी डॉक्ट्रिन की शुरुआत की — डिसाइसिव, प्रोफेशनल और रिस्पॉन्सिबल।”
यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ट्राई-सर्विसेज की ताकत, स्वदेशी क्षमताओं और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का प्रतीक थी। स्थिति पर नजर बनी हुई है, और आगे की अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
