रूस-यूक्रेन युद्ध: एकतरफा युद्धविराम के बीच भीषण गोलाबारी, 27 नागरिकों की मौत और 120 घायल
रूस-यूक्रेन युद्ध के पांचवें वर्ष में प्रवेश करने के साथ ही शांति की उम्मीदें एक बार फिर धूमिल होती नजर आ रही हैं। यूक्रेन द्वारा घोषित एकतरफा युद्धविराम के बावजूद, दोनों देशों के बीच हिंसक झड़पें और हवाई हमले जारी हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध: एकतरफा युद्धविराम के बीच भीषण गोलाबारी, 27 नागरिकों की मौत और 120 घायल
कीव/मॉस्को: यूक्रेन द्वारा मॉस्को से शांति की अपील और एकतरफा युद्धविराम की घोषणा के बावजूद रूस ने कीव और अन्य शहरों पर ड्रोन व मिसाइलों से विनाशकारी हमला किया है। बुधवार को सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, इन हमलों में 27 आम नागरिकों की मौत हो गई है और 120 लोग घायल हुए हैं।
युद्धविराम की अनदेखी और रूस का रुख
यूक्रेनी राष्ट्रपति व्लादिमिर ज़ेलेंस्की ने द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर विजय की 81वीं वर्षगांठ के अवसर पर एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी। हालांकि, रूस ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया:
ड्रोन हमला: यूक्रेनी विदेश मंत्री आंद्रेई सिबीहा के अनुसार, रूस ने रात भर में 108 ड्रोन और 3 मिसाइलें दागीं।
रूस का तर्क: रूसी रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया कि खुद यूक्रेन ने अपने युद्धविराम का पालन नहीं किया। रूस का दावा है कि उसने क्रीमिया और काला सागर क्षेत्र में 53 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए हैं।
क्रीमिया में यूक्रेनी हमला: 5 की मौत
जवाबी कार्रवाई में यूक्रेन ने भी रूस के कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप को निशाना बनाया। क्रीमिया के शहर झांकोई पर हुए ड्रोन हमले में 5 लोगों की मौत हो गई। रूस द्वारा नियुक्त गवर्नर सर्गेई अक्सियोनोव ने इस हमले की पुष्टि की है।
प्रमुख बिंदु और मानवीय क्षति
नागरिक हताहत: संयुक्त राष्ट्र (UN) के अनुसार, इस युद्ध में अब तक 15,000 से अधिक नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं।
फ्रंटलाइन की स्थिति: लगभग 1,250 किलोमीटर लंबी फ्रंटलाइन पर दोनों सेनाएं आमने-सामने हैं। जहाँ रूस अपनी विशाल सेना के दम पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है, वहीं यूक्रेन ड्रोन आधारित रक्षा प्रणाली से कड़ा मुकाबला कर रहा है।
राजनयिक विफलता: यूरोपीय अधिकारियों ने यूक्रेन के इस कदम को ‘सद्भावना इशारा’ (Goodwill Gesture) मानकर स्वागत किया था, लेकिन रूस की बेरुखी ने स्पष्ट कर दिया है कि निकट भविष्य में शांति की संभावनाएं बेहद कम हैं।
रणनीतिक महत्व
रूस का शुक्रवार और शनिवार को लड़ाई रोकने का अपना प्रस्ताव (विजय दिवस के उपलक्ष्य में) उसकी पुरानी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसे यूक्रेन ने ‘दिखावा’ करार दिया है। अमेरिकी नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय प्रयास पिछले एक साल से इस खूनी संघर्ष को रोकने में विफल रहे हैं।
