बदरीनाथ धाम में आध्यात्मिक समागम: 22 दिनों की साधना पर पहुंचे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
बदरीनाथ धाम में आध्यात्मिक समागम: 22 दिनों की साधना पर पहुंचे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
बदरीनाथ (उत्तराखंड): पवित्र हिमालयी धाम बदरीनाथ इन दिनों भक्ति और विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है। बुधवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान बदरी विशाल के दर्शन हेतु धाम पहुंचे। उनके आगमन की सूचना मिलते ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई।
जयकारों से गूंज उठी बदरी पूरी
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री विशेष हेलीकॉप्टर के माध्यम से बदरीनाथ पहुंचे। जैसे ही वे हेलीपैड से मंदिर की ओर बढ़े, पूरा वातावरण ‘जय बदरी विशाल’ और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान हो गया। स्थानीय लोगों और देश-दुनिया से आए तीर्थयात्रियों ने पुष्प-वर्षा और मालाओं के साथ उनका भव्य स्वागत किया।
ऋषि गंगा के तट पर 22 दिवसीय विशेष साधना
जानकारी के अनुसार, बाबा का यह प्रवास काफी लंबा और महत्वपूर्ण होने वाला है:
साधना और योग: धीरेंद्र शास्त्री आगामी 21 से 22 दिनों तक बदरीनाथ में ही प्रवास करेंगे। वे ऋषि गंगा के तट पर स्थित एकांत केंद्रों में गहन योग और विशेष साधना संपन्न करेंगे।
विश्व शांति का संदेश: अपने प्रवास के दौरान वे कथा और प्रवचनों के माध्यम से मानवता, विश्व कल्याण और सनातन धर्म के मूल्यों का प्रचार-प्रसार करेंगे।
संतों और गणमान्य व्यक्तियों ने की अगवानी
उनके आगमन पर बाबा योगेश्वर दास महाराज और चारधाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता समेत कई प्रमुख व्यक्तियों ने उनकी अगवानी की। होटल एसोसिएशन का मानना है कि ऐसे बड़े आध्यात्मिक व्यक्तित्वों के प्रवास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को काफी बल मिलता है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की लोकप्रियता और उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और उनके ठहरने के स्थान के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि व्यवस्था बनी रहे और आम श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
गौरतलब है कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री हर वर्ष बदरी विशाल के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन इस बार उनका 22 दिवसीय साधना प्रवास श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच विशेष चर्चा और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
