उत्तराखंड

​देहरादून: ‘100 दिन, एक मिशन’ अभियान के दो महीने पूरे, नालों से निकाला गया 8 हजार टन कचरा

देहरादून नगर निगम द्वारा शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुधारने और नदियों को नया जीवन देने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आगामी मानसून को देखते हुए शुरू किए गए इस मिशन की प्रगति रिपोर्ट नीचे दी गई है:

​देहरादून: ‘100 दिन, एक मिशन’ अभियान के दो महीने पूरे, नालों से निकाला गया 8 हजार टन कचरा

​देहरादून: शहर को जलभराव से मुक्त करने और स्थानीय नदियों के पुनरुद्धार के लिए देहरादून नगर निगम द्वारा संचालित विशेष अभियान ‘100 दिन, एक मिशन-हमारी नदियों को पुनर्जीवित करना’ सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। 8 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के दो महीने 8 मई को पूरे होने जा रहे हैं, जिसमें अब तक भारी मात्रा में कचरा साफ किया जा चुका है।

​सफाई अभियान की मुख्य विशेषताएं

​नगर निगम इस अभियान को बहु-स्तरीय योजना के तहत संचालित कर रहा है, जिसमें शहर के ड्रेनेज सिस्टम को तीन चरणों में साफ किया जा रहा है:

​मुख्य नाले: बड़े नालों की सफाई को प्राथमिकता दी गई है।

​सहायक नाले: मुख्य नालों से जुड़ने वाले छोटे नालों की सफाई।

​आंतरिक नालियां: मोहल्लों और गलियों की नालियों का सुदृढ़ीकरण।

​अब तक शहर के 09 प्रमुख नालों की सफाई का काम सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है, जबकि अन्य क्षेत्रों में कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

​आंकड़ों में अभियान की प्रगति

​पिछले दो महीनों के भीतर नगर निगम ने मशीनों और जनशक्ति के समन्वय से बड़ी सफलता हासिल की है:

​कुल कचरा निस्तारण: लगभग 7,922.94 मीट्रिक टन कचरा निकाला गया।

​संसाधनों का उपयोग: सफाई कार्य में 6 जेसीबी मशीनें, 7 डंपर और 9 ट्रैक्टर ट्रॉलियां तैनात की गई हैं।

​फोकस एरिया: उन संवेदनशील इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जहाँ पिछले वर्षों में भारी जलभराव (Waterlogging) की समस्या देखी गई थी।

​नगर आयुक्त की अपील: जनसहभागिता है जरूरी

​नगर आयुक्त नमामि बंसल ने अभियान की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा:

​”नगर निगम शहर को स्वच्छ और जलभराव मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे नालों और नालियों में प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ट या निर्माण सामग्री (Malba) न डालें। एक स्वच्छ और स्वस्थ शहर के निर्माण के लिए जनता का सहयोग अनिवार्य है।”

​लक्ष्य और भविष्य की योजना

​इस 100 दिवसीय मिशन का मुख्य उद्देश्य मानसून की बारिश शुरू होने से पहले शहर के जल निकासी तंत्र को पूरी तरह अवरोध मुक्त बनाना है। कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के साथ-साथ निगम का प्रयास है कि नदियों के प्राकृतिक स्वरूप को बहाल किया जा सके, जिससे शहर की पारिस्थितिकी (Ecology) में सुधार हो।

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