राजनीति

​असम अपडेट: हिमंत बिस्वा सरमा ने सौंपा इस्तीफा, 12 मई को शपथ ग्रहण की संभावना

असम और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। असम में जहाँ एक बार फिर पुराने चेहरे पर भरोसे की संभावना है, वहीं बंगाल में मुख्यमंत्री पद के नाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

​असम अपडेट: हिमंत बिस्वा सरमा ने सौंपा इस्तीफा, 12 मई को शपथ ग्रहण की संभावना

​असम विधानसभा चुनाव 2026 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। नई सरकार के औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने तक वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में काम करते रहेंगे।

​तीसरी बार हिमंत सरमा की दावेदारी मजबूत

​सूत्रों के अनुसार, हिमंत बिस्वा सरमा लगातार तीसरी बार असम के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। उनकी दावेदारी के पीछे कई बड़े कारण माने जा रहे हैं:

​सख्त छवि और हिंदुत्व का चेहरा: घुसपैठ और जनसांख्यिकीय असंतुलन जैसे मुद्दों पर उनके कड़े रुख ने उन्हें भाजपा के एक प्रमुख फायरब्रांड नेता के रूप में स्थापित किया है।

​विकास की निरंतरता: जनता ने राज्य में चल रहे विकास कार्यों पर मुहर लगाई है, जिसका श्रेय सरमा के नेतृत्व को दिया जा रहा है।

​संगठनात्मक पकड़: उनके कार्यकाल में भाजपा ने राज्य में अपनी सांगठनिक स्थिति को और अधिक मजबूत किया है।

​मुख्यमंत्री पद के सवाल पर हिमंत बिस्वा सरमा ने संयमित जवाब देते हुए कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।

​शपथ ग्रहण समारोह (12 मई)

​जानकारी के अनुसार, असम की नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को आयोजित किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ राष्ट्रीय नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

​पश्चिम बंगाल: 9 मई को शपथ ग्रहण, कौन होगा नया मुख्यमंत्री?

​पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद अब सबकी नजरें 9 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं। शुक्रवार को भाजपा विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें राज्य के अगले मुख्यमंत्री का नाम तय किया जाएगा।

​सीएम की रेस में शामिल प्रमुख नाम

​बंगाल में नेतृत्व को लेकर कई नामों पर कयास लगाए जा रहे हैं:

​शुभेंदु अधिकारी: जीत के सबसे बड़े नायकों में से एक और कद्दावर चेहरा।

​समिक भट्टाचार्य और दिलीप घोष: अनुभवी नेता जिन्होंने राज्य में भाजपा के आधार को मजबूत किया है।

​महिला नेतृत्व की चर्चा: महिला वोटरों के प्रभाव को देखते हुए रूपा गांगुली और अग्निमित्रा पॉल के नामों की भी सियासी गलियारों में चर्चा है।

​बीजेपी का ‘सरप्राइज’ फैक्टर

​चूंकि भाजपा हाल के वर्षों में मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में नए चेहरों को लाकर चौंका चुकी है, इसलिए बंगाल में भी किसी अप्रत्याशित नाम की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

​अगले 48 घंटे असम और बंगाल की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक होने वाले हैं, क्योंकि दोनों राज्यों में नई सरकारों का खाका तैयार हो जाएगा।

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