उत्तराखंड: स्कूलों के लिए नई समय-सारिणी जारी, ग्रीष्मकाल और शीतकाल के अनुसार बदलेंगे घंटे
उत्तराखंड: स्कूलों के लिए नई समय-सारिणी जारी, ग्रीष्मकाल और शीतकाल के अनुसार बदलेंगे घंटे
देहरादून | 4 मई, 2026
उत्तराखंड शासन ने राज्य के सभी राजकीय एवं निजी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के लिए संशोधित समय-सारिणी (Time-Table) लागू कर दी है। शासन द्वारा जारी ताजा आदेश के तहत, अब प्रदेश के स्कूलों का संचालन साल के दो अलग-अलग मौसमों—ग्रीष्मकाल और शीतकाल—की परिस्थितियों के अनुसार किया जाएगा।
यह संशोधित आदेश शिक्षा विभाग द्वारा 6 अप्रैल, 2026 को जारी पूर्व के आदेश में आंशिक सुधार करते हुए जारी किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों की सुविधा और शिक्षण गुणवत्ता को बनाए रखना है।
ग्रीष्मकालीन व्यवस्था (1 अप्रैल से 30 सितंबर)
गर्मियों के दौरान छात्रों को दोपहर की तपिश से बचाने के लिए स्कूल सुबह जल्दी शुरू किए जाएंगे:
प्रार्थना सभा: सुबह 7:15 से 7:30 बजे तक।
कक्षाओं का संचालन: सुबह 7:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:00 बजे तक।
ब्रेक: मध्यांतर सुबह 10:10 से 10:40 बजे तक (30 मिनट) निर्धारित किया गया है।
कक्षा अवधि: पहली चार कक्षाएं 40-40 मिनट की होंगी, जबकि अंतिम चार कक्षाएं 35-35 मिनट की रखी गई हैं।
शीतकालीन व्यवस्था (1 अक्टूबर से 31 मार्च)
सर्दियों और कोहरे की चुनौतियों को देखते हुए स्कूलों के समय में देरी की गई है:
प्रार्थना सभा: सुबह 8:45 से 9:00 बजे तक।
कक्षाओं का संचालन: सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:10 बजे तक।
ब्रेक: मध्यांतर दोपहर 12:00 से 12:30 बजे तक होगा।
कक्षा अवधि: शीतकाल में सभी कक्षाओं के लिए 40 से 45 मिनट का समय आवंटित किया गया है।
भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर मिलेगा लचीलापन
उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए शासन ने एक महत्वपूर्ण प्रावधान किया है। यदि किसी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में खराब मौसम या परिवहन की समस्या के कारण इस समय-सारिणी को लागू करने में दिक्कत आती है, तो स्थानीय स्तर पर बदलाव किया जा सकेगा।
इसके लिए संबंधित विद्यालय को एक प्रस्ताव तैयार करना होगा।
जिलाधिकारी (DM) की अध्यक्षता में गठित समिति इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेगी।
शिक्षण गुणवत्ता से समझौता नहीं
आदेश में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि समय में किसी भी बदलाव के बावजूद, कुल शिक्षण अवधि (Total Teaching Hours) में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। विभाग का मुख्य फोकस राज्य भर में विद्यालयों की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित और एकरूप बनाना है।
