चारधाम यात्रा का रिकॉर्ड आगाज़: 10 दिनों में 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, केदारनाथ में उमड़ा जनसैलाब
चारधाम यात्रा का रिकॉर्ड आगाज़: 10 दिनों में 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, केदारनाथ में उमड़ा जनसैलाब
देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अपने पूरे शबाब पर है। राज्य सरकार द्वारा किए गए पुख्ता इंतजामों के बीच श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, कपाट खुलने के महज 10 दिनों के भीतर ही कुल 4,08,401 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं।
केदारनाथ धाम में सबसे ज्यादा भीड़, बद्रीनाथ भी पीछे नहीं
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि बाबा केदार के दर्शन के लिए सबसे अधिक होड़ मची है। धामवार विवरण इस प्रकार है:
श्री केदारनाथ धाम: मात्र 7 दिनों में रिकॉर्ड 2,07,452 श्रद्धालुओं ने मत्था टेका।
श्री बद्रीनाथ धाम: कपाट खुलने के 6 दिनों के भीतर 84,942 यात्री दर्शन कर चुके हैं।
गंगोत्री धाम: 10 दिनों में 57,863 श्रद्धालुओं ने उपस्थिति दर्ज कराई।
यमुनोत्री धाम: 10 दिनों में 57,794 श्रद्धालु पवित्र धाम पहुंचे।
गौमुख: अब तक 440 साहसी यात्री गौमुख के दर्शन कर चुके हैं।
64 हजार से अधिक वाहनों का काफिला पहुँचा पहाड़
पहाड़ों की दुर्गम डगर पर इस बार यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। अब तक कुल 64,115 वाहन यात्रियों को लेकर चारों धामों तक पहुँच चुके हैं। शासन ने यात्रा मार्गों पर पार्किंग, यातायात और पेयजल की व्यवस्था को सुदृढ़ किया है ताकि जाम और असुविधा की स्थिति पैदा न हो।
भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
राज्य सरकार ने यात्रा की व्यवस्थाओं और सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
कठोर कार्रवाई: यात्रा के संबंध में सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छता अभियान: धामों और यात्रा मार्गों पर गंदगी फैलाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
बुनियादी सुविधाएं: मार्गों पर शौचालय, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
सुगम और सुरक्षित यात्रा सरकार की प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित विभागों के समन्वय से यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे पंजीकरण (Registration) और मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
नोट: श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने दर्शन के समय और कतार प्रबंधन (Queue Management) में भी कुछ बदलाव किए हैं ताकि प्रत्येक यात्री सुगमता से दर्शन कर सके।
