उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: 4 मई तक बारिश और बर्फबारी का अलर्ट, झुलसाती गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत
उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: 4 मई तक बारिश और बर्फबारी का अलर्ट, झुलसाती गर्मी से मिलेगी बड़ी राहत
देहरादून: उत्तराखंड में समय से पहले दस्तक दे चुकी भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के लिए आगामी 4 मई तक का ताजा पूर्वानुमान जारी कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल के अंतिम दिन से लेकर मई के पहले हफ्ते तक पूरे प्रदेश में बादलों की आवाजाही और बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।
अप्रैल का समापन बारिश के साथ
मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार, गुरुवार 30 अप्रैल को राज्य के सभी जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बादलों की तेज गर्जना और बिजली चमकने (Lightning) की भी चेतावनी दी गई है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में, विशेषकर 4000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी होने का अनुमान है।
मई महीने की शुरुआत में भी भीगेगा प्रदेश
मई महीने का आगाज भी ठिठुरन और बारिश के साथ होने जा रहा है। आगामी दिनों का क्रमवार ब्यौरा इस प्रकार है:
1 मई (शुक्रवार): पूरे उत्तराखंड में बारिश का योग है। पर्वतीय जिलों में मध्यम बारिश और 4400 मीटर से ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी होगी। मैदानी इलाकों में गर्जना के साथ हल्की बूंदें गिर सकती हैं।
2 मई (शनिवार): शनिवार को भी प्रदेश के पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फ गिरेगी। मैदानी जिलों में हल्की बारिश से मौसम खुशनुमा बना रहेगा।
3 मई (रविवार): संडे को भी राहत जारी रहेगी। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश होगी, जबकि बाकी पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में भी बादल बरसेंगे।
4 मई (सोमवार): सोमवार को भी उत्तरकाशी से लेकर पिथौरागढ़ तक के पर्वतीय क्षेत्रों में मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है।
चारधाम यात्रियों के लिए विशेष सलाह
मौसम में आए इस बदलाव को देखते हुए चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। उच्च क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश के कारण तापमान में अचानक कमी आ सकती है, इसलिए यात्रियों को अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े और रेनकोट रखने का सुझाव दिया गया है।
गर्मी से मिली ‘मई’ की संजीवनी
बता दें कि अप्रैल के मध्य से ही उत्तराखंड के मैदानी और तराई क्षेत्रों में पारा तेजी से ऊपर चढ़ने लगा था। अब इस बारिश के स्पेल से न केवल आम जनता को गर्मी से निजात मिलेगी, बल्कि जंगलों में लगी आग (Forest Fire) की घटनाओं पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
मौसम डेस्क: विभाग ने 30 अप्रैल को विशेष सावधानी बरतने को कहा है क्योंकि बिजली चमकने और तेज हवाओं के कारण संवेदनशील इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
