चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई: तमिलनाडु और बंगाल में 1,000 करोड़ से अधिक की सामग्री जब्त
यह खबर चुनावी शुचिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग (ECI) की मुस्तैदी को दर्शाती है। चुनावी राज्यों में इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य सामग्रियों की जब्ती लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती और आयोग के लिए एक बड़ी कामयाबी है।
चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई: तमिलनाडु और बंगाल में 1,000 करोड़ से अधिक की सामग्री जब्त
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से दोनों राज्यों में नकदी, शराब, ड्रग्स और अन्य उपहार सामग्रियों की कुल जब्ती ₹1,000 करोड़ के जादुई आंकड़े को पार कर गई है। आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
फ्लाइंग स्क्वाड और सर्विलांस टीमें अलर्ट पर
चुनाव प्रक्रिया में धनबल और प्रलोभन के इस्तेमाल को रोकने के लिए आयोग ने भारी सुरक्षा अमला तैनात किया है:
फ्लाइंग स्क्वाड (FST): दोनों राज्यों में कुल 5,011 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड टीमें सक्रिय हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल में 2,728 और तमिलनाडु में 2,283 टीमें शामिल हैं। इन्हें किसी भी शिकायत पर मात्र 100 मिनट के भीतर एक्शन लेने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST): सीमाओं और रणनीतिक स्थानों पर अचानक नाकेबंदी के लिए 5,363 से अधिक टीमें तैनात की गई हैं, जो संदिग्ध वाहनों और गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही हैं।
हिंसा और प्रलोभन मुक्त चुनाव का लक्ष्य
मुख्य सचिवों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठकों में चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव पूरी तरह से हिंसा-मुक्त, दबाव-मुक्त और प्रलोभन-मुक्त होने चाहिए। विशेषकर सीमावर्ती राज्यों की प्रवर्तन एजेंसियों को अलर्ट रहने को कहा गया है ताकि बाहरी राज्यों से नकदी या शराब की आवाजाही न हो सके।
चुनावी कार्यक्रम पर एक नजर
ज्ञात हो कि निर्वाचन आयोग ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों और उपचुनावों की घोषणा की थी। तब से ही संबंधित राज्यों में आदर्श आचार संहिता प्रभावी है और प्रवर्तन एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं।
निर्वाचन आयोग का संकल्प:
”हमारा उद्देश्य मतदाता को प्रभावित करने वाले हर प्रलोभन को रोकना है। फ्लाइंग स्क्वाड की ‘100 मिनट रिस्पॉन्स’ नीति ने इस बार जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दिखाए हैं।”
