उत्तराखंड चारधाम यात्रा का आगाज: 20 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण; ठगी से बचने के लिए पुलिस ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
उत्तराखंड चारधाम यात्रा का आगाज: 20 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण; ठगी से बचने के लिए पुलिस ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। आगामी 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस विशाल आयोजन को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन ने हाईटेक कंट्रोल रूम के साथ अपनी तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं।
पंजीकरण में बना नया रिकॉर्ड
यात्रा को लेकर इस वर्ष श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। 20 अप्रैल की शाम तक के आंकड़े बेहद उत्साहजनक हैं:
कुल पंजीकरण: अब तक 20,09,153 श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।
धामवार पंजीकरण: केदारनाथ (7.01 लाख), बदरीनाथ (5.92 लाख), गंगोत्री (3.52 लाख), यमुनोत्री (3.42 लाख) और हेमकुंड साहिब (20 हजार से अधिक)।
दर्शन का आंकड़ा: शुरुआती दो दिनों में ही 19,000 से अधिक श्रद्धालु गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कर चुके हैं।
साइबर ठगों से रहें सावधान: पुलिस की विशेष अपील
कंट्रोल रूम में सबसे ज्यादा शिकायतें हेलीकॉप्टर सेवा के नाम पर हो रही धोखाधड़ी की आ रही हैं। फर्जी वेबसाइटों और साइबर ठगों के चंगुल से बचने के लिए पुलिस ने श्रद्धालुओं को केवल आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करने की सलाह दी है।
मदद के लिए जारी हेल्पलाइन नंबर
श्रद्धालुओं की समस्याओं के तत्काल समाधान के लिए देहरादून स्थित पटेल भवन में ‘डेडिकेटेड पुलिस कंट्रोल रूम’ स्थापित किया गया है। किसी भी आपात स्थिति या ठगी की शिकायत के लिए इन नंबरों पर संपर्क करें:
हेल्पलाइन नंबर: 9897846203 * लैंडलाइन नंबर: 0135-2714484
हाईटेक निगरानी और ‘जीरो रिस्पांस टाइम’ का लक्ष्य
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने बताया कि यात्रा मार्गों और प्रमुख धामों की लाइव फीड सीधे कंट्रोल रूम की बड़ी स्क्रीन पर उपलब्ध है।
भीड़ प्रबंधन: आधुनिक सॉफ्टवेयर और सीसीटीवी की मदद से संदिग्ध गतिविधियों और ट्रैफिक जाम पर नजर रखी जा रही है।
हर 10 किमी पर पुलिस: पूरी यात्रा को 10-10 किलोमीटर के सेक्टरों में बांटा गया है।
त्वरित कार्रवाई: पुलिस का मुख्य फोकस ‘रिस्पांस टाइम’ को कम से कम करना है, ताकि आपदा या दुर्घटना की स्थिति में मदद तुरंत पहुंच सके।
यात्रा का आगामी शेड्यूल
गंगोत्री और यमुनोत्री के बाद अब सबकी नजरें केदारनाथ और बदरीनाथ धाम पर हैं:
22 अप्रैल: बाबा केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।
23 अप्रैल: भगवान बदरीविशाल के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
यात्रियों के लिए सुझाव: 1. यात्रा पर निकलने से पहले आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण (Registration) अवश्य सुनिश्चित करें।
2. हेलीकॉप्टर बुकिंग के लिए केवल उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) की अधिकृत वेबसाइट का ही उपयोग करें।
3. पहाड़ों में मौसम तेजी से बदलता है, अतः गर्म कपड़े और आवश्यक दवाइयां साथ रखें।
