केदारनाथ धाम में मोबाइल ‘नो-एंट्री’: मंदिर परिसर में रील बनाने और फोटो खींचने पर लगा पूर्ण प्रतिबंध
केदारनाथ धाम में मोबाइल ‘नो-एंट्री’: मंदिर परिसर में रील बनाने और फोटो खींचने पर लगा पूर्ण प्रतिबंध
कल खुलेंगे बाबा केदार के कपाट; नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
11वें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने मंदिर की मर्यादा और पवित्रता बनाए रखने के लिए परिसर के भीतर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला 22 अप्रैल (बुधवार) को धाम के कपाट खुलने से ठीक पहले लिया गया है।
मंदिर परिसर में फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी वर्जित
मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि अब कोई भी श्रद्धालु मंदिर के भीतर मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेगा। विशेष रूप से सोशल मीडिया के लिए वीडियो या रील बनाने पर सख्त मनाही है।
चेतावनी: यदि कोई श्रद्धालु नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
तय सीमा: श्रद्धालु केवल मंदिर से 80 मीटर की दूरी पर तय किए गए स्थान पर ही फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी कर सकेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए लॉकर की सुविधा
यात्रियों की सुविधा के लिए मंदिर समिति ने इस बार विशेष इंतजाम किए हैं:
सुरक्षित लॉकर: मंदिर परिसर के पास ही लॉकर सुविधा शुरू की गई है, जहाँ श्रद्धालु अपना मोबाइल, पर्स और अन्य कीमती सामान सुरक्षित रख सकेंगे।
उद्देश्य: प्रशासन का मानना है कि इस कदम से दर्शन व्यवस्था सुगम होगी और श्रद्धालुओं को बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक वातावरण मिलेगा।
22 को केदारनाथ और 23 अप्रैल को खुलेंगे बदरीनाथ के कपाट
उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही शुरू हो चुकी है।
कल का दिन: 22 अप्रैल को विधि-विधान के साथ केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।
परसों का दिन: 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
दो दिन में 19 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
चारधाम यात्रा को लेकर इस वर्ष जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यात्रा के शुरुआती दो दिनों के भीतर ही 19,000 से अधिक श्रद्धालु गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर चुके हैं। मंदिर समिति ने देश-विदेश से आने वाले सभी तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे धाम की गरिमा और धार्मिक मर्यादाओं का पालन करें।
”हम चाहते हैं कि श्रद्धालु केवल भक्ति भाव से आएं। मोबाइल की अव्यवस्था से दर्शन में बाधा आती है, इसलिए यह प्रतिबंध अनिवार्य किया गया है।”
— विनीत पोस्ती, सदस्य, मंदिर समिति
