राजनीति

राहुल गांधी का विवादित बयान: ‘ट्रंप कहेंगे पीएम मोदी कूद जाओ, तो वे कूद जाएंगे’

राहुल गांधी का विवादित बयान: ‘ट्रंप कहेंगे पीएम मोदी कूद जाओ, तो वे कूद जाएंगे’

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तमिलनाडु के थूथुकुडी में चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पीएम मोदी को पूरी तरह नियंत्रित करते हैं।

राहुल गांधी ने कहा, “आज अगर डोनाल्ड ट्रंप मोदी जी से कहें कि कूद जाओ, तो मोदी जी कूद जाएंगे। अगर ट्रंप कहें लेट जाओ, तो वे लेट जाएंगे। ट्रंप मोदी को पूरी तरह कंट्रोल करते हैं।”db5fa7

राहुल गांधी के मुख्य आरोप

राहुल गांधी ने रैली में कई गंभीर दावे किए:

ट्रंप मोदी को “सर” कहलवाते हैं और फोन पर बात करते समय मोदी उन्हें “सर” संबोधित करते हैं।

ट्रंप के पास मोदी के “फाइनेंशियल सिस्टम” और अडानी से संबंधों की जानकारी है, जिसके जरिए वे उन्हें कंट्रोल करते हैं।

हाल ही में पीएम मोदी का इजराइल दौरा ट्रंप के इशारे पर हुआ था।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में कृषि, उद्योग, डेटा और ऊर्जा सुरक्षा को बेच दिया गया है।

राहुल ने कहा कि ट्रंप खुलेआम मोदी का राजनीतिक करियर खत्म करने की धमकी दे सकते हैं, लेकिन मोदी उनके सामने झुकते हैं। उन्होंने इसे “रिमोट कंट्रोल” से चलाए जाने वाली सरकार बताया।

तमिलनाडु चुनाव के संदर्भ में बयान

यह बयान तमिलनाडु विधानसभा चुनाव (23 अप्रैल 2026 को मतदान) के प्रचार के दौरान दिया गया। राहुल गांधी DMK गठबंधन के समर्थन में रैलियां कर रहे हैं और BJP-AIADMK गठबंधन पर हमला बोल रहे हैं। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की तुलना में कहा कि ट्रंप मोदी से जो चाहते हैं, वही वे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से भी चाहते हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस का दावा है कि यह बयान ट्रंप के पुराने बयानों पर आधारित है, जिसमें उन्होंने मोदी के साथ अपने संबंधों का जिक्र किया था।

BJP की ओर से अभी तक तीखा पलटवार आने की उम्मीद है। पहले भी राहुल गांधी के ऐसे बयानों पर भाजपा ने उन्हें “देश की गरिमा गिराने” का आरोप लगाया है।

यह बयान भारत-अमेरिका संबंधों, ट्रेड डील और विदेश नीति को लेकर चल रही बहस को और तेज कर सकता है।

राहुल गांधी लंबे समय से पीएम मोदी पर ट्रंप के सामने “सरेंडर” करने और “डरने” का आरोप लगाते रहे हैं। यह नया बयान तमिलनाडु चुनाव में विपक्ष को एकजुट करने और युवा-शहरी वोटर्स को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

अभी तक पीएम मोदी या भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बयान से विदेश नीति पर नया विवाद खड़ा हो सकता है।

नोट: यह बयान चुनावी रैली का हिस्सा है, जिसमें विपक्षी नेता अक्सर तीखे हमले करते हैं। वास्तविक भारत-अमेरिका संबंध दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं, जिसमें व्यापार, सुरक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग शामिल है।

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