तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: कब, कितनी सीटें, मुख्य दावेदार और प्रमुख मुद्दे – यहां जानें सब कुछ
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: कब, कितनी सीटें, मुख्य दावेदार और प्रमुख मुद्दे – यहां जानें सब कुछ
नई दिल्ली/चेन्नई, 20 अप्रैल 2026: तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। पूरे राज्य की 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में 23 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी और चुनाव प्रक्रिया 6 मई तक पूरी हो जाएगी। चुनाव आयोग ने 30 मार्च को अधिसूचना जारी की थी, नामांकन की अंतिम तिथि 6 अप्रैल थी और प्रत्याशियों की अंतिम सूची जारी हो चुकी है।
कितनी सीटें और बहुमत का आंकड़ा?
कुल सीटें: 234
बहुमत के लिए जरूरी: 118 सीटें
2021 के चुनाव में सत्तारूढ़ DMK ने 133 सीटें जीती थीं, जबकि मुख्य विपक्षी AIADMK के पास करीब 66 सीटें थीं।
मुख्य दावेदार और गठबंधन
2026 का मुकाबला मुख्य रूप से दो बड़े गठबंधनों के बीच है, हालांकि अभिनेता विजय की नई पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) तीसरे विकल्प के रूप में युवा वोटर्स में असर डाल रही है:
DMK-नेतृत्व वाला Secular Progressive Alliance (SPA)
प्रमुख चेहरा: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन (कोलाथुर सीट से उम्मीदवार)
सहयोगी: कांग्रेस (28 सीटें), CPI(M), CPI, VCK, MDMK, IUML आदि।
DMK खुद लगभग 164 सीटों पर लड़ रही है।
2024 लोकसभा चुनाव में इस गठबंधन ने राज्य की सभी 39 सीटें जीती थीं, जिससे स्टालिन की स्थिति मजबूत है।
AIADMK-नेतृत्व वाला NDA गठबंधन
प्रमुख चेहरा: एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS)
सहयोगी: BJP (27 सीटें), PMK और अन्य छोटे दल।
AIADMK बड़ी संख्या में सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
BJP के पूर्व राज्य अध्यक्ष के. अन्नामलाई इस बार खुद उम्मीदवार नहीं हैं, लेकिन पूरे राज्य में प्रचार करेंगे।
तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) – अभिनेता विजय
पहली बार बड़े पैमाने पर चुनाव लड़ रही है।
युवा और शहरी मतदाताओं में खासा असर, लेकिन सीटें जीतने की संभावना अभी सीमित मानी जा रही है।
अन्य दल: Naam Tamilar Katchi (NTK) सीट नहीं जीत पाती, लेकिन वोट शेयर (2021 में ~6.5%) काट सकती है।
प्रमुख मुद्दे
तमिलनाडु चुनाव में इन मुद्दों पर सबसे ज्यादा बहस हो रही है:
महिलाओं के खिलाफ अपराध — बढ़ते मामले और सुरक्षा।
भ्रष्टाचार के आरोप — विपक्ष DMK पर भ्रष्टाचार और वादों की पूर्ति न करने का आरोप लगा रहा है।
राज्य का कर्ज (Debt Crisis) — विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना रहा है।
कल्याणकारी योजनाएं — DMK अपनी स्कीम्स (जैसे महिलाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कूपन) पर भरोसा जता रही है।
विकास और निवेश — औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचा।
हिंदी थोपना vs द्रविड़ पहचान — पारंपरिक मुद्दा, DMK इसे उठा रही है।
महंगाई, बेरोजगारी और युवा मुद्दे — TVK इन्हें खासतौर पर जोर दे रही है।
महिलाओं के लिए वादे — AIADMK ने फ्री फ्रिज, LPG सिलेंडर, ₹2000 मासिक सहायता जैसे वादे किए हैं।
मौजूदा स्थिति और संभावनाएं
DMK गठबंधन को अभी थोड़ी बढ़त दिख रही है, लेकिन कई विश्लेषक इसे कड़ी टक्कर वाला चुनाव बता रहे हैं।
युवा मतदाताओं (खासकर पहली बार वोट देने वाले) और TVK के आने से वोट शेयर में बिखराव की आशंका है।
2021 की तुलना में AIADMK-NDA गठबंधन को मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है।
तमिलनाडु का यह चुनाव दक्षिण भारत की राजनीति के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिणाम 4 मई को आएंगे, जो तय करेंगे कि एम.के. स्टालिन लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनते हैं या विपक्ष सत्ता में वापसी करता है।
चुनावी प्रचार जोरों पर है और अंतिम दिनों में बड़े रैलियों और वादों की बौछार देखने को मिल रही है। मतदाताओं की राय अभी अंतिम नहीं है, लेकिन ध्रुवीकरण और गठबंधन की रणनीति नतीजे तय करेगी।
