Thursday, September 10, 2026
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TCS नासिक कांड: निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट का फैसला आज, सुनवाई पूरी – फैसला सुरक्षित

TCS नासिक कांड: निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका पर कोर्ट का फैसला आज, सुनवाई पूरी – फैसला सुरक्षित

नासिक, 20 अप्रैल 2026: महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़े बीपीओ केंद्र में कथित जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले में मुख्य आरोपी निदा खान की अग्रिम जमानत (anticipatory bail) याचिका पर आज नासिक सत्र न्यायालय में सुनवाई हुई। कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है, जल्द ही फैसला सुनाया जाएगा।

26 वर्षीय निदा खान, जो इस मामले में फरार बताई जा रही हैं, ने अपनी याचिका में दो महीने की गर्भावस्था का हवाला दिया है। उनके वकीलों (राहुल कसलीवाल और बाबा सय्यद) ने दलील दी कि आरोपों में अधिकतम 3 साल की सजा का प्रावधान है, FIR में देरी हुई है और निदा खान पर कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी की जरूरत नहीं है क्योंकि हिरासत सिर्फ पासवर्ड निकालने के लिए नहीं मांगी जा सकती।

मामले की पृष्ठभूमि

नासिक पुलिस और SIT ने इस मामले में 9 FIR दर्ज की हैं, जिसमें हिंदू लड़कियों को कथित तौर पर धर्मांतरण के लिए लुभाया जाना और यौन शोषण के आरोप लगे हैं।

निदा खान को पुलिस मुख्य आरोपी (मास्टरमाइंड) मान रही है, हालांकि उनके परिवार और वकील इसे साजिश बताते हैं।

TCS ने स्पष्ट किया कि निदा खान HR मैनेजर नहीं बल्कि प्रोसेस एसोसिएट थीं और उन्हें 9 अप्रैल 2026 को सस्पेंड कर दिया गया है।

मामले में अब तक कई आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि निदा खान अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में मुंबई सहित कई जगहों पर छापेमारी कर रही है।

आज की सुनवाई में निदा खान के वकीलों ने गर्भावस्था और आरोपों की प्रकृति को आधार बनाकर राहत की मांग की। अगर कोर्ट अग्रिम जमानत दे देता है तो निदा खान को गिरफ्तारी से राहत मिल जाएगी, लेकिन शर्तों के साथ। अगर याचिका खारिज होती है तो पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले इस मामले को सुनियोजित मॉड्यूल बताया था और जांच को तेज करने के निर्देश दिए थे।

अभी तक की स्थिति:

निदा खान की लोकेशन पर पुलिस की नजर बनी हुई है।

उनके पति से भी पूछताछ की जा चुकी है।

कई पीड़ित आगे आकर बयान दे रहे हैं।

यह मामला काफी संवेदनशील है और पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। कोर्ट का फैसला आने के बाद स्थिति साफ होगी।

 

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