चारधाम यात्रा का शंखनाद: मुखबा से गंगोत्री और खरसाली से यमुनोत्री के लिए रवाना हुईं देव डोलियाँ
चारधाम यात्रा का शंखनाद: मुखबा से गंगोत्री और खरसाली से यमुनोत्री के लिए रवाना हुईं देव डोलियाँ
उत्तरकाशी: देवभूमि उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का पावन समय आ गया है। शनिवार को गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के शीतकालीन प्रवासों से माँ गंगा और माँ यमुना की डोलियाँ अपने-अपने धामों के लिए रवाना हो गई हैं।
1. माँ गंगा की डोली: नम आँखों से हुई विदाई
शनिवार दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में माँ गंगा की भोग मूर्ति विग्रह डोली शीतकालीन प्रवास मुखबा गांव से गंगोत्री धाम के लिए प्रस्थान कर गई।
भावुक विदाई: मुखबा के ग्रामीणों ने माँ गंगा को स्थानीय ‘फाफरे’ का भोग लगाया और ‘कल्यो’ (कंडा) अर्पित कर भावुकता के साथ विदा किया।
धार्मिक शोभायात्रा: आर्मी बैंड और पारंपरिक ढोल-दमाऊं की थाप के साथ समेश्वर देवता की अगुवाई में यह डोली जांगला के 7 किमी लंबे जोखिम भरे पैदल मार्ग से होते हुए भैरों घाटी पहुँचेगी, जहाँ आज रात्रि विश्राम होगा।
भक्तों का उत्साह: इस पल के साक्षी बनने के लिए मुंबई समेत देश के कई राज्यों से श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने इसे अपना सौभाग्य और अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बताया।
2. अक्षय तृतीया पर कल खुलेंगे गंगोत्री धाम के कपाट
भैरों मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद, रविवार सुबह डोली गंगोत्री धाम पहुँचेगी। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर विशेष पूजा-अर्चना के बाद गंगोत्री धाम के कपाट आगामी छह माह के लिए श्रद्धालुओं हेतु खोल दिए जाएंगे।
3. यमुनोत्री धाम: भाई शनिदेव करेंगे बहन यमुना को विदा
यमुनोत्री धाम मंदिर समिति के अनुसार, माँ यमुना की विदाई का कार्यक्रम भी भव्य रूप से तैयार है:
प्रस्थान: रविवार सुबह 8:45 बजे माँ यमुना की डोली अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली गांव से यमुनोत्री के लिए रवाना होगी।
भाई-बहन का साथ: विशेष परंपरा के तहत यमुना के भाई शनिदेव महाराज (सोमेश्वर महाराज) की डोली भी अपनी बहन को विदा करने के लिए साथ-साथ यमुनोत्री धाम तक जाएगी।
4. चारधाम यात्रा की शुरुआत
इन डोलियों के अपने गंतव्य पर पहुँचने और कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की वार्षिक चारधाम यात्रा विधिवत रूप से शुरू हो जाएगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और सुगम दर्शन के कड़े इंतजाम किए हैं।
अपडेट: केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की डोलियाँ भी अपने निर्धारित समय पर प्रस्थान करेंगी, जिससे अगले कुछ दिनों में चारों धामों की रौनक पूरी तरह लौट आएगी।
