राहुल गांधी के खिलाफ फिलहाल नहीं होगी FIR, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश पर लगाई रोक
राहुल गांधी के खिलाफ फिलहाल नहीं होगी FIR, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश पर लगाई रोक
लखनऊ, 18 अप्रैल 2026: इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ कथित दोहरी नागरिकता (ब्रिटिश नागरिकता) मामले में FIR दर्ज करने के अपने ही आदेश पर अस्थायी रोक लगा दी है।
जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की एकलपीठ ने शनिवार को यह फैसला सुनाते हुए कहा कि बिना नोटिस जारी किए FIR दर्ज नहीं की जा सकती। कोर्ट ने मामले में आगे सुनवाई के लिए राहुल गांधी पक्ष को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।be8dbf
क्या था पूरा मामला?
कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने याचिका दायर कर दावा किया था कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिकता भी रखते हैं, जो भारतीय कानून के तहत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं होने के कारण अवैध है।
याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी के खिलाफ रायबरेली कोतवाली में FIR दर्ज करने, जांच कराने और यदि दोष सिद्ध हुआ तो उनकी सांसदी रद्द करने की मांग की थी।
17 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने याचिका स्वीकार करते हुए FIR दर्ज करने और मामले की जांच (संभवतः CBI द्वारा) का आदेश दिया था। इससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी।
लेकिन आज (18 अप्रैल) कोर्ट ने अपने आदेश पर रोक लगाते हुए कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन जरूरी है और बिना पक्षकार को सुनवाई का मौका दिए कार्रवाई नहीं हो सकती।
हाईकोर्ट का ताजा आदेश
FIR पर अस्थायी रोक (stay)।
राहुल गांधी को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा गया।
मामले की अगली सुनवाई की तारीख बाद में तय होगी।
यह रोक राहुल गांधी के लिए फिलहाल राहत की खबर है, हालांकि मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। यदि जांच में आरोप साबित हुए तो कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस ने इस विकास पर राहत जताई है, जबकि भाजपा कार्यकर्ता और याचिकाकर्ता इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बता रहे हैं। मामला अभी भी लंबित है और आगे सुप्रीम कोर्ट तक भी जा सकता है।
नोट: राहुल गांधी ने पहले भी ऐसे आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वे केवल भारतीय नागरिक हैं।
