अमेरिका-ईरान के बीच ‘महावार्ता’ का दूसरा दौर: सोमवार को इस्लामाबाद में फिर आमने-सामने होंगे प्रतिनिधि
इस्लामाबाद एक बार फिर दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक हलचलों का केंद्र बनने जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए सोमवार को दूसरे दौर की वार्ता होने की संभावना है।
यहाँ इस पूरे घटनाक्रम पर आधारित विस्तृत न्यूज़ रिपोर्ट दी गई है:
अमेरिका-ईरान के बीच ‘महावार्ता’ का दूसरा दौर: सोमवार को इस्लामाबाद में फिर आमने-सामने होंगे प्रतिनिधि
इस्लामाबाद | 18 अप्रैल, 2026
मध्य-पूर्व (Middle East) में युद्ध के बादलों को छांटने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर मेजबान बनने के लिए तैयार है। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का अगला दौर सोमवार को हो सकता है। दोनों देशों के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल रविवार तक इस्लामाबाद पहुँच सकते हैं।
1. पहली वार्ता रही थी बेनतीजा
बता दें कि 11-12 अप्रैल को इसी स्थान पर आयोजित ‘पीस टॉक्स’ 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच पहली आमने-सामने की उच्च स्तरीय बातचीत थी। हालांकि, वह दौर बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गया था, जिसके बाद अब दूसरे दौर से काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं।
2. ट्रंप का दावा बनाम ईरान का इनकार
बातचीत को लेकर दोनों पक्षों के बयानों में काफी विरोधाभास है:
डोनाल्ड ट्रंप: अमेरिकी राष्ट्रपति ने बीते शुक्रवार को सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि “समझौते की दिशा में प्रगति हो रही है।”
ईरान: दूसरी ओर, तेहरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने किसी भी बड़े समझौते या रियायत देने की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है।
3. होर्मुज जलडमरूमध्य: तनाव का मुख्य केंद्र
विश्व व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर सस्पेंस बना हुआ है:
ईरानी चेतावनी: ईरान के संसद अध्यक्ष ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका ने नौसैनिक नाकेबंदी नहीं हटाई, तो वे इस मार्ग को फिर से बंद कर सकते हैं।
अमेरिकी रुख: राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया है कि होर्मुज पूरी तरह खुला है और अमेरिका वहां मुक्त आवाजाही सुनिश्चित करेगा।
4. क्षेत्रीय कूटनीति में ‘पाकिस्तान’ की भूमिका
पाकिस्तान इस समय मध्यस्थ (Mediator) के रूप में एक बड़ी भूमिका निभा रहा है:
आर्मी चीफ का मिशन: पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने तेहरान में ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबफ से मुलाकात की, जिसे बातचीत शुरू कराने की दिशा में ‘मास्टरस्ट्रोक’ माना जा रहा है।
कतर-तुर्की का साथ: कतर के अमीर और तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन ने भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से मुलाकात कर इस कूटनीतिक समाधान का समर्थन किया है।
5. इजरायल-हिज़्बुल्लाह युद्धविराम का असर
फिलहाल लेबनान में इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच 10 दिनों का युद्धविराम लागू है। हालांकि छिटपुट उल्लंघनों की खबरें हैं, लेकिन इस शांति को बरकरार रखना अमेरिका-ईरान वार्ता के एजेंडे में सबसे ऊपर है।
निष्कर्ष: सोमवार की यह बैठक न केवल अमेरिका और ईरान के भविष्य के रिश्तों को तय करेगी, बल्कि यह भी तय करेगी कि दुनिया की तेल सप्लाई लाइन सुरक्षित रहेगी या नहीं। अमेरिका की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था और हलचल तेज हो गई है।
