बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के काले सच पर राम गोपाल वर्मा का खुलासा: ‘एक को मारो और दस से वसूली करो’
बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के काले सच पर राम गोपाल वर्मा का खुलासा: ‘एक को मारो और दस से वसूली करो’
मुंबई | 18 अप्रैल, 2026
फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा (RGV) अपनी बेबाक बयानबाजी और अंडरवर्ल्ड पर बनी फिल्मों (जैसे सत्या और कंपनी) के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में क्राइम राइटर हुसैन जैदी के साथ एक बातचीत में उन्होंने 90 के दशक के उस दौर को याद किया, जब बॉलीवुड की नसों में अंडरवर्ल्ड का खौफ दौड़ता था। वर्मा ने बताया कि कैसे दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील जैसे गैंगस्टर बड़े सितारों के जरिए अपनी सत्ता चलाते थे।
1. ‘एक को मारो, दस से ऐंठो’: अंडरवर्ल्ड का खूनी फॉर्मूला
राम गोपाल वर्मा ने खुलासा किया कि अंडरवर्ल्ड का मकसद सिर्फ पैसा कमाना नहीं, बल्कि कंट्रोल और ताकत हासिल करना था। उन्होंने एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा, “उनका सिद्धांत था—एक को मारो और दस से पैसे ऐंठो।” उनके मुताबिक, जब गैंगस्टर्स को अपना दबदबा कायम करना होता था, तो वे राकेश रोशन, सलमान खान या शाहरुख खान जैसे बड़े नामों को निशाना बनाते थे। ऐसा इसलिए किया जाता था ताकि पूरी इंडस्ट्री में एक मिसाल कायम की जा सके कि अगर इन जैसे बड़े सितारों के साथ ऐसा हो सकता है, तो किसी और की क्या बिसात।
2. राकेश रोशन पर हमला: ऋतिक की ‘डेट्स’ का था विवाद
RGV ने साल 2000 में राकेश रोशन पर हुए जानलेवा हमले की कड़ियों को जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद अंडरवर्ल्ड ऋतिक रोशन के करियर और प्रोजेक्ट्स को कंट्रोल करना चाहता था।
वजह: कथित तौर पर छोटा शकील गैंग चाहता था कि राकेश रोशन ऋतिक की डेट्स उनके बताए प्रोजेक्ट्स के लिए दें।
विरोध: जब राकेश रोशन ने झुकने से मना कर दिया, तो 21 जनवरी 2000 को उनके ऑफिस के बाहर उन पर गोलियां चलाई गईं। वे इस हमले में बाल-बाल बचे थे।
नतीजा: राकेश रोशन ने बाद में स्वीकार किया था कि बार-बार दबाव के बावजूद उन्होंने ऋतिक के करियर का कंट्रोल गैंगस्टर्स को नहीं सौंपने का फैसला किया था।
3. गुलशन कुमार की हत्या: ‘अभिमान’ और ‘विरोध’ का परिणाम
1997 में म्यूजिक मुगल गुलशन कुमार की हत्या ने देश को हिला दिया था। इस पर बात करते हुए वर्मा ने कहा कि यह हत्या जलन, सत्ता की होड़ और गुलशन कुमार के अडिग स्वभाव का नतीजा थी।
कारण: गुलशन कुमार की बढ़ती कामयाबी कई लोगों की आंखों में चुभ रही थी। उन्होंने रंगदारी (Extortion) की मांगों के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया था।
RGV की आपबीती: वर्मा ने बताया कि जिस दिन गुलशन कुमार की हत्या हुई, वे प्रोड्यूसर झामू सुगन्ध के घर पर थे। जैसे ही यह खबर आई, वहां मौजूद हर शख्स गहरे सदमे और डर में डूब गया था।
4. डर को बनाया हथियार
राम गोपाल वर्मा के अनुसार, ऋतिक जैसे सुपरस्टार्स तक सीधे पहुंचना मुश्किल था, इसलिए गैंगस्टर्स ने ‘डर’ को ही अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। वे चाहते थे कि पूरी इंडस्ट्री उनके इशारों पर नाचे। ओवरसीज फंडिंग और कास्टिंग में अंडरवर्ल्ड का हस्तक्षेप उस दौर में चरम पर था।
न्यूज़ डेस्क की टिप्पणी: राम गोपाल वर्मा का यह इंटरव्यू उस दौर की याद दिलाता है जब फिल्मी पर्दे से ज्यादा खौफनाक हकीकत स्टूडियो के बाहर गलियों में थी। आज भले ही हालात बदले हों, लेकिन ये खुलासे बॉलीवुड के उस काले अध्याय को फिर से सामने लाते हैं।
