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नोएडा में मजदूरों की सैलरी में भारी बढ़ोतरी, ठेकेदारों पर सख्ती: उपद्रव पर ब्लैकलिस्टिंग का आदेश

नोएडा में मजदूरों की सैलरी में भारी बढ़ोतरी, ठेकेदारों पर सख्ती: उपद्रव पर ब्लैकलिस्टिंग का आदेश

नोएडा: नोएडा और गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों के हिंसक प्रदर्शनों के बाद यूपी सरकार और स्थानीय प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में 21 प्रतिशत तक की अंतरिम बढ़ोतरी कर दी है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। साथ ही नोएडा की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने ठेकेदारों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर सख्त निर्देश जारी किए हैं।

नई मजदूरी दरें (नोएडा-गाजियाबाद):

अकुशल श्रमिक: ₹13,690 प्रति माह (पहले ₹11,313)

अर्धकुशल श्रमिक: ₹15,059 प्रति माह (पहले ₹12,445)

कुशल श्रमिक: ₹16,868 प्रति माह (पहले ₹13,940)

यह बढ़ोतरी मूल वेतन और महंगाई भत्ता दोनों को शामिल करते हुए की गई है। अन्य जिलों में भी 9 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।

ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान:

जिलाधिकारी मेधा रूपम ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों और ठेकेदारों के साथ बैठक में साफ कहा कि न्यूनतम वेतन का भुगतान बैंक ट्रांसफर के जरिए ही किया जाना चाहिए। अगर कोई एजेंसी कम वेतन देती है या नियमों का उल्लंघन करती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें लाइसेंस रद्द करना और ब्लैकलिस्ट करना शामिल है।

सबसे महत्वपूर्ण बात — अगर किसी एजेंसी के मजदूर उपद्रव, तोड़फोड़ या हंगामा करते हैं तो उस एजेंसी की भी जिम्मेदारी तय होगी और उसे ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। प्रशासन ने सभी कंपनियों को साप्ताहिक अवकाश, ओवरटाइम पर डबल पे, समय पर सैलरी और मेडिकल कवर जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से देने के निर्देश दिए हैं।

पृष्ठभूमि:

13 अप्रैल 2026 को नोएडा फेज-2, सेक्टर 60, 62 समेत कई इलाकों में हजारों मजदूरों ने सैलरी बढ़ाने और बेहतर कामकाजी हालात की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जो हिंसक हो गया। प्रदर्शनकारियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस ने 300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया और कई FIR दर्ज कीं।

प्रदर्शन के बाद सरकार ने उच्च स्तरीय समिति गठित की, जिसकी सिफारिश पर यह बढ़ोतरी की गई। प्रशासन ने मजदूरों को शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।

यह कदम औद्योगिक शांति बनाए रखने और मजदूरों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रशासन का सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है, हालांकि कुछ श्रमिक संगठन अभी भी ₹26,000 मासिक वेतन की मांग पर अड़े हुए हैं।

नोएडा प्रशासन ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखें और संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान करें। स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात रखा गया है।

(नोट: यह अंतरिम बढ़ोतरी है। स्थायी दरें मई में वेज बोर्ड की सिफारिशों के बाद तय होंगी।)

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